रेली, जेएनएन। Trauma Ka Drama : सरकारी महकमों की ‘कृपा’ पर बिना मानकों के अस्पताल किस तरह फल-फूल रहे हैं इसकी एक बानगी है बीसलपुर रोड पर बना श्री परमेश्वर अस्पताल। शहर के अंदर बीसलपुर रोड पर रुहेलखंड पुलिस चौकी के पास है श्री परमेश्वर अस्पताल। स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में अस्पताल का पंजीकरण है। लेकिन यहां अंदर दाखिल होते ही अस्पताल खोलने के बुनियादी नियम-कायदे भी ताक पर दिखाई देंगे। यही नहीं मरीजों के इलाज के अलावा संसाधन या किसी तरह के नियम-कानून की जानकारी भी स्टाफ को नहीं थी।

गैलरी लकड़ी के पार्टिशन से बना दिए प्राइवेट वार्ड 

श्री परमेश्वर अस्पताल में जनरल वार्ड देखा तो हैरत हो गई। लकड़ी के छोटे-छोटे पार्टिशन बनाकर जनरल वार्ड भवन की गैलरी में ही बना दिया गया था। यहां खुले में मरीज और तीमारदार मौजूद थे। पूछने पर स्टाफ ने बताया कि यहीं मरीजों का इलाज होता है। यही नहीं प्राइवेट रूम भी पास ही लकड़ी के कुछ बड़े पार्टिशन बनाकर बनाए गए थे।

आइसीयू और आपरेशन थिएटर भी मानक विहीन 

अस्पताल में आइसीयू और आपरेशन थिएटर भी जुगाड़ लगाकर ही बनाए गए थे। देखने से ही साफ था कि इलाज से मरीज की जान को जोखिम होगा। न सफाई थी और न ही साधन-संसाधन सही ढंग से रखे हुए थे। इसके अलावा स्टाफ भी स्वास्थ्य सेवाएं से जुड़े बुनियादी सवालों का जवाब नहीं दे पाए।

नोटिस के बावजूद 20 दिन में पूरा नहीं किया ईटीपी 

तथाकथित अस्पताल में प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था भी सुचारू नहीं थी। यहां इफ्ल्युएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) न होने पर कुछ समय पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस दिया था। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने 20 दिन में ईटीपी का काम पूरा होने का आश्वासन दिया था। लेकिन एक महीना से ज्यादा बीतने के बावजूद अभी तक प्लांट नहीं लगा।

प्रशासन तक पहुंच चुकी है शिकायत 

श्री परमेश्वर अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही और फायर सेफ्टी भी न होने की शिकायत एक शख्स ने स्वास्थ्य विभाग से की थी। मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो फिर प्रशासन तक गुहार पहुंची। इसके बाद एडीएम प्रशासन वीके सिंह से की थी। एडीएम ने माले में कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा। हालांकि बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं की।

130 अस्पतालों को मिल चुका नोटिस 

अस्पतालों या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर अग्निशमन व सुरक्षा प्रबंधन संबंधी नियमों का पालन जरूरी है। बावजूद इसके अधिकांश जगह नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में दमकल विभाग ने जिले के कई अस्पतालों का निरीक्षण किया था। इसमें 130 अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा प्रबंध नहीं थे। इस वजह से इन्हें नोटिस दिया गया था।

Edited By: Ravi Mishra