बरेली, जेएनएन। Tokyo Olympic 2020 : हैलो, मां कैसी हो, मां-बेटा बधाई हो। सिमरनजीत-थैंक्यू, आपकी उम्मीदों पर खरा उतरा हूं मां.., हम जीत गए। ओलंपिक में मैच जीतने के बाद सिमरनजीत ने मैदान से ही तुरंत वीडियो कॉल की । मां बेटा दोनों के खुशी के आंसू छलक आए...।घर के बाकी सदस्य भी कुछ पल के लिए मां बेटे का प्रेम देख भाव विभोर हो गए।अगले ही पल सभी के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।भारतीय हॉकी टीम की जीत के बाद ये नजारा टीम इंडिया के हॉकी खिलाड़ी सिमरनजीत के घर का है।

कई दशक बाद ओलंपिक में भारतीय हाकी टीम के पदक जीतने का सपना साकार हुआ है। खास बात यह रही कि तराई के इस जिले में जन्मे और पले-बढ़े लाड़ले सिमरनजीत का इसमें बड़ा योगदान रहा। उनके दो गोल जर्मनी पर जीत दिलाने में सहायक बने। यहां के हाकी प्रेमियों के साथ ही सिमरनजीत के परिवार ने भी टीवी पर इस मैच को देखा। भारतीय टीम के जीतते ही लोग उत्साह से झूम उठे।

गुरुवार को सुबह टोक्यो ओलंपिक में भारत व जर्मनी के बीच मैच शुरू होते ही लोग टीवी सेट आन करके उसके सामने बैठ गए। मैच में सिमरनजीत को खेलते देख लोगों का उत्साह और बढ़ गया। उधर, मझोला के गांव मझारा फार्म पर सिमरनजीत के पिता इकबाल सिंह, माता मंजीत कौर समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने भी टीवी पर मैच देखा। सिमरनजीत की मां लगातार यही दुआ करती रहीं कि यह मैच भारत जरूर जीते।

इसी दौरान जब सिमरनजीत ने पहला गोल दागा तो टीवी पर मैच देख रहे लोग खुशी से उछल पड़े। उन्हें उम्मीद जगी कि ओलंपिक में पदक जीतने का सपना साकार होने जा रहा है। कुछ देर बाद ही सिमरनजीत ने एक और गोल दाग दिया। तब दर्शकों को लगने लगा कि अब जीत करीब है। अंतत: भारत ने जर्मनी को पराजित कर मैच जीत लिया और भारतीय टीम कांस्य पदक की दावेदार बन गई। मझोला के एसके पब्लिक स्कूल में शिक्षकों ने इस जीत पर जश्न मनाया।

सिमरनजीत की प्रारंभिक शिक्षा इसी स्कूल में हुई थी। ऐसे में शिक्षकों में इस जीत के प्रति काफी उत्साह रहा। मैच की समाप्ति के बाद सिमरनजीत के पिता बोले बेटे ने सिर्फ जिले का ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन किया है। शहर के गांधी स्टेडियम के हाकी खिलाड़ियों ने भी ओलंपिक में जीत पर खुशी जाहिर की। इंटरनेट मीडिया पर सिमरनजीत के खेल प्रदर्शन की तारीफ के साथ उसकी जय जयकार होने लगी।  

Edited By: Ravi Mishra