बरेली, जागरण संवाददाता। जिले में तापमान में गिरावट हुई है। बरेल में आज तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। आज बरेली का अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्‍यूनतम तापमान 28 डिग्री रहने की संभावना है। वहीं आज बारिश की संभावना के चलते कल का तापमान और गिरने के आसार है। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्‍यूनतम तापमान 23 डिग्री रहने की संभावना है। पहले के अनुमान से मानसून थोड़ा लेट हो चुका है। वहीं शाहजहांपुर का अधिकतम तापमान 37.8 और न्‍यूनमत तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस है। शाहजहांपुर में आज से कल तक बारिश हो सकती है।

बदायूं में भी आज बारिश की संभावना: आसमान में कभी बादल तो कभी चटक धूप ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया। सोमवार को बादलों के छाने से उमस का मौसम बन गया तो पारा भी एक डिग्री चढ़ गया और भयंकर गर्मी रही है। गर्मी से लोग पसीना-पसीना होते रहे और राहत के लिए कूलर, पंखा के सहारे दिन गुजारे हैं। सोमवार को जिले में उमस भरी गर्मी रही है। 37 डिग्री से तापमान बढ़कर फिर सोमवार को 38 डिग्री पर पहुंच गया। इसके बाद सुबह से ही दोपहर और शाम तक बार-बार आसमान में बादल छाते रहे और बार-बार आसमान में तेज धूप निकल रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज मंगलवार को हल्की बूंदाबांदी होगी। इसके बाद बुधवार से रविवार तक लगातार बारिश के आसार दिख रहे हैं। इंसेट-यह रहेगी अगले एक सप्ताह की स्थितिसोमवार को दिन भर आसमान में बार-बार बादल छाए रहे और बार-बार धूप निकली है। सोमवार को डिग्री तापमान बढ़ गया। मंगलवार को बूंदाबादी होगी और गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार व रविवार, सोमवार को तेज बारिश रहेगी।

पीलीभीत में कल हो सकती है बारिश : तराई के जिले में हवा का रुख बदल गया है। पिछले करीब एक सप्ताह से पछुआ हवा चलती रही। इससे दिन में तो तपिश काफी अधिक महसूस की जाती रही लेकिन रात में लोगों को कुछ सुकून मिलता रहा। राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डा. शैलेंद्र सिंह ढाका ने पंतनगर स्थित कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के हवाले से जानकारी दी कि अब पुरवा हवा चल जाने से तराई के जिले में 29 जून से लेकर पहली जुलाई तक मानसून की बारिश का दौर शुरू हो जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 29 जून को भी बारिश हो सकती है। डा.ढाका के अनुसार सोमवार को तराई के जिले में अधिकतम तापमान 39.6 तथा न्यूनतम 26.4 डिग्री रिकार्ड किया गया। इस दौरान अधिकतम आद्रता 76 प्रतिशत और न्यूनतम 42 प्रतिशत रही है। पुरवा हवा चल जाने की वजह से आद्रता काफी बढ़ गई। इसी कारण वातावरण में काफी बढ़ गई।

Edited By: Vivek Bajpai