बदायूं, जेएनएन : इस्लामनगर कस्बे में स्वास्थ्य विभाग के जर्जर सरकारी आवास का ङ्क्षलटर गिरने से स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी, उसकी पत्नी और बेटे की मलबे में दबकर मौत हो गई। चार दिन तक शव मलबे में दबे रहे और किसी को हादसे की भनक भी नहीं लगी। तीनों की लाशें सडऩे लगीं तो आसपास दुर्गंध फैलने से लोग उस दिशा में पहुंचे। इसके बाद मलबा हटवाया गया तो तीनों के शव मिले। यह देखकर सभी हैरत में पड़ गए। मलबे में तीन लाशें मिलने की सूचना मिलते ही एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा, एसडीएम बिल्सी संजय कुमार मौके पर पहुंच गए। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। 

थाने के पास बने स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आवास में सेवानिवृत्त कर्मचारी सुशील, उसकी पत्नी नसीमा और बेटा समीर साथ में ही रहते थे। आवास काफी जर्जर था और बरसात में उसकी छत टपकती थी। इस आवास की ओर किसी का आना जाना नहीं था। परिवार के तीनों लोग भी घर से बाहर बहुत कम निकलते थे। बरसात से बचने के लिए इन लोगों ने पॉलीथिन की चादर भी छत पर बिछा दी थी। रविवार को तेज बारिश के साथ हवा चली तो इस आवास की छत गिर गई। इसमें तीनों लोग दब गए, लेकिन किसी को इसकी जानकारी नहीं थी। गुरुवार को इसकी जानकारी होने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबा हटाया गया तो उसके नीचे तीनों की लाशें मिलीं। मलबा और गर्मी की वजह से तीनों की लाशें सड़ चुकी थीं। 

हादसे की सूचना पर पुलिस को तुरंत मौके पर भेजा गया। हम खुद मौके पर पहुंच गए। चार दिन पहले ही ङ्क्षलटर गिरने की बात सामने आ रही है। चूंकि उसके आवास की ओर कोई नहीं जाता था इसलिए इसकी जानकारी आसपास वालों को नहीं हो पाई। शव पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं। 

- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात 

 

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