बरेली, जेएनएन। कागजों पर बिना लेखा-जोखा रखे नारकोटिक्स श्रेणी की नशीली दवाओं के करोड़ों के कारोबार पर ड्रग विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। दवाओं का हिसाब किताब देने में चूके तीन दवा कारोबारियों का लाइसेंस गुरुवार को सस्पेंड कर दिया गया।

बरेली का बाजार नशीली दवाओं की तस्करी के लिए गढ़ माना जाता है। पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक बरेली के कारोबारी खांसी की दवा फेंसेडिल की तस्करी करवा रहे हैं। पंजाब और उत्तराखंड तक बहेड़ी के रास्ते नशीली दवाओं की खेप भेजी जा रही है। इसकी छानबीन केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो को करनी चाहिए। लेकिन धरपकड़ अरसे से नहीं हो रही है। ड्रग विभाग ने हाल में सात दवा के कारोबारियों को नोटिस जारी करके नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं का हिसाब मांगा था।

इनमें जय फार्मा, सविता ट्रेडर्स, निकुंज मेडीकल, पांडे मेडिकल, बालाजी, चंद्रा और पाल मेडीकोज को नोटिस जारी किए हैं। चंद्रा मेडिकोज का लाइसेंस निरस्त हो चुका है। गुरुवार को नैनीताल रोड की सविता ट्रेडर्स का लाइसेंस निरस्त किया गया है। साथ ही मीरगंज के हिन्दुस्तान फार्मा और नवाबगंज के गरीब नवाज मेडिकल स्टोर का लाइसेंस भी निरस्त हुआ है। उन्हें सात दिन की मोहलत दी गई है। संतोषजनक जवाब नहीं आने पर लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।

खांसी के सिरप की चार गुना कीमत पर खपत 

खांसी के इलाज में इस्तेमाल होने वाला फेंसिडियल सीरप का इस्तेमाल युवा और खास तौर से हॉस्टल में रहने वाले लड़के नशे के लिए कर रहे हैं। यह सीरप चार गुना कीमत पर बिक रहा है। दिल्ली की नारकोटिक्स ब्यूरो ने किला बाजार में छापामारी करके एक दवा कारेाबारी को अपने साथ ले गई थी।

दर्द निवारक स्पास्मों की सबसे ज्यादा डिमांड

बरेली शास्त्री मार्केट के दवा बाजार के सूत्रों के मुताबिक करोड़ों रुपये की स्पास्मो, डाई साइक्लोमिन, डैक्स्ट्रो प्रोपोक्सीफिन, पैरासिटामोल आदि दर्द निवारक दवाओं की बरेली से तस्करी हो रही है। गली नवाबान, किला के कुछ दुकानों से भी नशीली दवाओं की अवैध आपूर्ति जारी है। बरेली से सबसे ज्यादा दर्द निवारक स्पास्मो की मांग बताई जाती है।

तीन दुकानदारों से हमने नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं का हिसाब मांगा था। वे दे नहीं सके, इसलिए लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। - संजय कुमार, सहायक आयुक्त औषधि

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