जेएनएन, बरेली : नवाबगंज थाने में दर्ज धोखाधड़ी और बलवे के मुकदमों में पूर्व विधायक छोटे लाल गंगवार 20 साल से गैर हाजिर चल रहे थे। गुरुवार को अपर सेशन जज-प्रथम शकील अहमद खां ने पूर्व विधायक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

जनपद रामपुर के थाना मिलक निवासी राम बहादुर ने थाना नवाबगंज में पूर्व विधायक छोटे लाल गंगवार व वीरेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि पीडि़त ने आइआरडी योजना में रामपुर की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा मिलक से वर्ष 1994 में 15000 रुपये का अनुदान लिया था।

आटा चक्की व डीजल इंजन का सामान गंगवार इंटरप्राइजेज से खरीदने को कुटेशन लगवाया। बैंक ड्राफ्ट गंगवार इंटरप्राइजेज में जमा कर दिया। ड्राफ्ट की रकम पूर्व विधायक व वीरेंद्र ने हड़प ली। सामान नहीं दिया। थाना नवाबगंज के ही एक दूसरे मामले में एसएसआइ नरेश कुमार वर्मा ने वर्ष 1998 में 13 आरोपितों के खिलाफ आगजनी व बलवे की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस मामले में पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार भी आरोपित थे। शासन के आदेश पर पूर्व मंत्री भगवत सरन के खिलाफ मुकदमा वापस हो गया। पूर्व विधायक ने इस मामले में हाईकोर्ट से वर्ष 2006 से स्टे आदेश ले रखा था। जिसे छह माह बाद खत्म मान लिया गया। दोनों मामलों में पूर्व विधायक छोटेलाल गंगवार के खिलाफ लगातार गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा रहे थे। कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी थी।

शुक्रवार को पूर्व विधायक ने अपर सेशन जज की कोर्ट में आत्मसमर्पण करके जमानत अर्जी दाखिल की थी। अंतरिम जमानत की भी मांग की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। स्थाई जमानत की अर्जी पर अब सुनवाई 19 दिसंबर को होगी।  

Posted By: Abhishek Pandey

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