जेएनएन, बरेली। हजियापुर के एक शख्स ने तीन साल पहले मुझे घर से अगवा कर लिया था। तब मैं महज 14 साल की थी। आठ दिनों तक मुझे नवाबगंज में एक मकान में कैद रखा। धमकी दी कि निकाह नहीं किया तो तुम्हारे पिता-भाई को जान से मार देंगे। फिर जबरन निकाह करा लिया। इसके बाद भी उसने प्रताड़ित करना खत्म नहीं किया। आए दिन मारपीट करता। बीते रविवार को मुझे जमकर मारा-पीटा और फिर आग लगा दी। मेरे कपड़े जल गए। किसी तरह लोगों ने बचा लिया। यह शब्द एक नाबालिग लड़की के हैं, जो जबरन शौहर बने शख्स के जुल्म में घुट रही है।

गौटिया निवासी लड़की ने बताया कि मां बचपन में ही गुजर गई। पिता राजमिस्त्री का काम करते थे, अब उनका पैर टूट गया। वह किराये के मकान में रहते हैं। शौहर की पिटाई के बाद वह अपने पिता के घर के बजाय उनकी बहन के घर पर है। सोमवार को पीड़िता आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान के पास मदद के लिए पहुंची। इसके बाद बारादरी थाने में तहरीर दी।

--चौथी बीवी है पीड़िता : पीड़िता के मुताबिक, शौहर पहले ही तीन शादियां कर चुका था। मैं चौथी बीवी हूं। मैं जरी का काम करती हैं, महीने में पांच हजार रुपये तक कमा लेती थी। सारे रुपये भी छीन लेता था। वह बोली, अब अगर घर जाऊंगी तो वह मुझे मार डालेगा। --पीड़िता की हर संभव मदद करूंगी

आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान ने कहा कि पीड़िता की जुबानी उनके साथ बड़ा जुल्म हुआ है। उसकी उम्र भी बेहद कम है। मैं अपने स्तर से हर संभव मदद करूंगी।

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