जेएनएन, बरेली : इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां के धरने पर दूसरे दिन प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रदेश महासचिव वीरपाल सिंह यादव और शहर इमाम खुर्शीद आलम भी पहुंचे। सेकुलर राजनीतिक दलों से भी एक होकर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लड़ाई छेडऩे का आह्वान किया।

शहर इमाम ने कहा कि जब भाजपा के विरोधी संगठन नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं तो वह दिखना भी चाहिए। सलाह देते हुए कहा कि एक मंच बनाकर विरोध करने से ज्यादा असर होगा। सीएए की आड़ में केंद्र सरकार अपनी नाकामी को छुपा रही है। एक वर्ग में भय का वातावरण पैदा किया जा रहा है।

बंटवारे की राजनीति की जा रही है, जिससे देश का भला नहीं होने जा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार के गलत कामों का खुलकर विरोध किया जाएगा। मुफ्ती सनाउल्ला एडवोकेट ने कहा कि सीएए के खिलाफ लड़ाई को संगठित होकर लड़े जाने की जरूरत है।

सबका हक फाउंडेशन की अध्यक्ष राफिया शबनम ने कहा कि महिलाएं सीएए के विरोध में पीछे नहीं हैैं। दिल्ली का शाहीन बाग इस बात का गवाह है। मनु नीरज, नाजिम बेग, अहमद अजीज, शारिक वदूद, डॉ. नफीस खां, नदीम खां, आरिफ कुरैशी, अफजाल बेग, शारिक बुखारी और कांग्रेस नेता नवाब मुजाहिद हसन खां ने भी धरने पर विचार रखे।

 

Posted By: Abhishek Pandey

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