बदायूं, जेएनएन। बिल्सी तहसील क्षेत्र के चार गांवों के मंदिरों की करोड़ों रुपये की संपत्ति के हस्तांतरण का मामला सामने आया है। भाजपा नेताओं के माध्यम से यह मुद्दा मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। प्रकरण संज्ञान में आते ही डीएम दीपा रंजन ने तहसीलदार को बिल्सी से हटाकर एडीएम प्रशासन से जांच शुरू करा दी है।

सहसवान विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार रहे डीके भारद्वाज ने शेखूपुर के पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य और बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर के साथ लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर मंदिरों के हस्तानांतरण में अनियमितता की शिकायत की है। अवगत कराया गया है कि बिल्सी के तहसीलदार शर्मांनंद यादव ने इस्लामनगर ब्लाक क्षेत्र के खुदागंज स्थित रघुनाथ मंदिर, गोविंदपुर शिवपुर के रघुनाथ मंदिर, रायपुर खुर्द के मंदिर समेत चार मंदिरों के रख-रखाव और मंदिरों के नाम करोड़ों की संपत्ति मामला बिल्सी तहसीलदार के न्यायालय में चल रहा था।

आरोप है कि तहसीलदार ने अनैतिक रूप से इन मंदिरों को दूसरे लोगों के नाम हस्तांतरित करा दिया। करोड़ों रुपये के घपले का आरोप लगाया गया है। डीके भारद्वाज ने बताया कि मुख्यमंत्री से तहसीलदार की संपत्ति की जांच कराने की भी मांग की गई है। सहसवान विधानसभा क्षेत्र में बिजली की समस्या भी मुख्यमंत्री के सामने रखकर निदान कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने मंदिरों के हस्तांतरण मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने और बिजली की समस्या का निदान कराने का आश्वासन दिया है। मामला संज्ञान में आते ही डीएम दीपा रंजन ने तहसीलदार शर्मांनंद को बिल्सी से हटाकर सदर तहसील में तहसीलदार न्यायिक बना दिया है। एडीएम प्रशासन को इस मामले की जांच सौंप दी है।

तहसीलदार शर्मानंद यादव ने कहा कि मंदिरों के रख-रखाव और संपत्ति पर दावे को लेकर न्यायालय में वाद दायर हुए थे। साक्ष्यों के आधार पर फैसला किया गया है। अगर किसी को आपत्ति है तो वह अपील कर सकता है।

जिलाधिकारी दीपा रंजन ने कहा कि बिल्सी तहसील क्षेत्र के मंदिरों की संपत्ति हस्तांरित किए जाने संबंधी शिकायतें मिलने पर तहसीलदार शर्मांनंद को बिल्सी से हटाकर बदायूं तहसल में भेज दिया गया है। एडीएम प्रशासन को इस मामले की जांच सौंपी है, जो भी सच्चाई निकलकर आएगी उसके आधार पर कार्रवाई होगी।

Edited By: Vivek Bajpai