बरेली, जेएनएन। शराबी पिता व सौतेली मां की प्रताड़ना से तंग आकर दो सगी बहनें रायबरेली से अकेले ही भाग नकली। लखनऊ होते हुए वह शनिवार देर रात बरेली पहुंची। बस चालक ने उन्हें झुमका तिराहे पर उतार दिया। दोनों नाबालिग बच्चियां डरी सहमी कुछ घंटे वहीं बैठी रही। सीबीगंज पुलिस ने रायबरेली में रहने वाले स्वजनों को सूचना दी है।

रायबरेली जिले के थाना जगतपुर के रामगढ़ गांव की रहने वाली 13 वर्षीय ज्योति व नौ वर्षीय जूली ने पुलिस को बताया कि उनके पिता रामकिशोर व उसकी मां कुसमा बहनों को दारू पीकर पीटते है। तंग आकर उनकी मां दो वर्ष पूर्व घर छोड़कर चली गई। जिसके बाद नशेड़ी पिता ने अनीता नाम की दूसरी महिला से शादी कर ली। सौतेली मां भी पिता के साथ बच्चों को मारती पीटती थी। इसी से तंग आकर दोनों बहने बुधवार रात चोरी छुपे घर से भाग निकली।

गुरुवार सुबह लखनऊ पहुंची तीन दिन लखनऊ में ही भटकती रही और होटलों पर खाना खाती रहीं। जिसके बाद वह आलमबाग बस स्टेशन से रोडवेज की बस पर सवार हो गई। रविवार रात ड्राइवर ने उन्हें झुमका चौराहे पर उतार दिया। चौराहे पर स्थित अल नवाज होटल पर कई घंटे दोनों बहने डरी सहमी बैठी रही। होटल मालिक ने सीबीगंज पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद सीबीगंज पुलिस दोनों को थाने ले आई।

नौ सौ रुपये लेकर घर से निकली सब हो गए खर्च

दोनों नाबालिग बच्चियां घर से नौ सौ रुपये लेकर चली थी। चार दिन में खाने पीने का किराए में सब पैसे खर्च हो गए। बस वाले ने बरेली तक का ही टिकट उन्हें दिया। जब वह बरेली रोडवेज पर नहीं उतरी तो बस ड्राइवर उन्हें झुमका किराहे पर उतारकर चलता बना। 

दोनों बच्चियों के स्वजनों को सूचना दे दी गई है। वह सोमवार तक बरेली पहुंच जाएंगे। जिसके बाद बच्चियों को उनके सुपुर्द कर दिया जाएगा।- कृष्ण वीर सिंह, इंस्पेक्टर, सीबीगंज

Edited By: Ravi Mishra