बरेली, जेएनएन : इंवर्टिस विश्वविद्यालय में छात्रों के दो गुटों में हुई मारपीट में शामिल दस छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। घटनाक्रम की जांच के लिए प्रो. आरके शुक्ला की अध्यक्षता में प्रोफेसरों की सात सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो विवाद का मूल कारण तलाशेगी। रिपोर्ट से तय होगा कि छात्रों को कैंपस में रखा जाए या निष्कासित किया जाए। 

11 सितंबर को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे इंवर्टिस यूनिवर्सिटी के छात्रों के दो गुट भिड़ गए थे। उनमें जमकर मारपीट हुई थी। घटनाक्रम बढ़ने के बाद विवि की ओर से इस मामले में तहरीर ही दी थी। एक दिन पहले विवि ने घटना में शामिल आठ छात्रों को निलंबित किया था। शुक्रवार को दो और छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित छात्रों में डिप्लोमा, मास कम्युनिकेशन, बीएससी और बीएड के विद्यार्थी बताए जा रहे हैं। दोबारा ऐसा न हो, इसीलिए विवि प्रशासन पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटा है। कुलपति के निर्देश पर समिति में शामिल शिक्षकों ने शुक्रवार को घटना के बारे में जानकारी भी जुटाई। कुछ छात्रों से बातचीत की गई है। तीन-चार दिन के अंतराल में समिति जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंप देगी। वहीं, जांच कमेटी की रिपोर्ट और अगले निर्णय तक विद्यार्थी निलंबित रहेंगे।

जांच समिति विवाद का मूल कारण तलाशकर जल्द अपनी रिपोर्ट विवि प्रशासन को सौंपेगी। पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन सख्त है। - प्रो. आरके शुक्ला, अध्यक्ष जांच समिति इंवर्टिस विवि

पीछे हटे दोनों पक्ष, पुलिस ने थाने से दी छात्रों को जमानत

इंवर्टिस यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों में हुई मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों लड़कों को थाने से जमानत दे दी गई। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के परिजन बच्चों के कॅरियर को देखते हुए कोई कार्रवाई नहीं चाहते। मारपीट के मामले में चीफ प्राक्टर अजय ने अमित धीरज, विशाल, निश्चित, संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने गुरुवार को धीरज और विशाल को गिरफ्तार कर लिया। घायल आदित्य की तरफ से कोई तहरीर न मिलने पर उनको जमानत दे दी।

 

Posted By: Abhishek Pandey

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