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बरेली, जेएनएन : उत्तर प्रदेश में अपने पहले दीक्षा समारोह के लिए कुलाधिपति (राज्यपाल) आनंदीबेन पटेल ने मेहमान चुन लिया है। दो सितंबर को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय का दीक्षा समारोह होगा। इसके मुख्य अतिथि भारतीय संस्कृति शोध प्रतिष्ठान, ऋषिकेश के संस्थापक स्वामी चिदानंद सरस्वती होंगे। राज्यपाल ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है। 

राज्यपाल की ओर से पहले दीक्षा समारोह में स्वामी चिदानंद सरस्वती को आमंत्रित करना कई मायनों में अहम माना जा रहा है। ताकि डिग्री लेकर जीवन की नई डगर पर पग रखने जा रहे विद्यार्थी दीक्षा में आध्यात्म का मंत्र लेकर निकलें। जिससे अपने जीवन के साथ वह समाज और पर्यावरण के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से योगदान देने का प्रयास करें।

रुविवि ने सुझाए थे तीन नाम
दीक्षा के मुख्य अतिथि के लिए रुविवि प्रशासन ने राज्यपाल के समक्ष तीन नाम प्रस्तुत किए थे। ये तीनों शिक्षाविदों के थे। सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने उन नामों से इतर स्वामी चिदानंद सरस्वती का नाम फाइनल किया है। मुख्य अतिथि तय होते ही विवि प्रशासन निमंत्रण पत्र प्रकाशित कराने की तैयारी में जुट गया है।

स्वामी का परिचय
स्वामी चिदानंद सरस्वती गुरूकुल, अस्पताल, कन्या शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत हैं। जल संरक्षण को लेकर देश-दुनिया में काम कर रह रहे हैं। विकिपीडिया में उनकी प्रोफाइल पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनकी पहचान एक ङ्क्षहदू आध्यात्मिक गुरू एवं संत की है। मुनि की रेती स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम के संस्थापक अध्यक्ष हैं। ऋषिकेश और पिट्सबर्ग के ङ्क्षहदू-जैन मंदिर के संस्थापक व अध्यक्ष हैं। उनकी प्रेरणा से ङ्क्षहदू धर्म का विश्वकोष निर्मित हुआ है।

टॉपर की डिग्री तैयार
दीक्षा समारोह में पुरस्कृत होने वाले 81 मेधावियों की सूची तैयार हो गई है। हालांकि, बीपीएड-बीपीएड समेत अन्य कुछ पाठ्यक्रमों में एक-दो कॉलेजों का रिजल्ट अटका है। इसे जारी कराने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, मेधावियों की डिग्री-मार्कशीट तैयार हो गई हैं।  

Posted By: Abhishek Pandey

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