जागरण संवाददाता, बरेली : टॉप कैरेट शोरूम में लूट के आरोपित बदमाश निर्मल व शंकर को जेल भेज दिया गया। हालांकि लूट के दौरान बदमाश मोबाइल का इस्तेमाल करते रहे लेकिन सर्विलांस से उनको ट्रेस नहीं किया जा सका। दोनों बदमाशों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। इससे फरार बदमाशों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इसके लिए टीमें भी गठित कर दी गई हैं, बदमाश मनोज, सतनाम व राजेश उर्फ झंडू की तलाश में लगी हैं। पुलिस डीवीआर भी तलाश करेगी। लूट से पहले आपस में मोबाइल से बात कर रहे थे लुटेरे

पूछताछ के दौरान बदमाशों ने सबसे चौकाने वाली बात बताई। पांचों बदमाशों के पास मोबाइल था। लूट से पहले आपस में कई बार मोबाइल से बात कर रहे थे। लूट के बाद वह भागे और करीब डेढ़ घंटे बाद मनोज, सतनाम, झंडू व निर्मल ने मनोज के बिलसंडा स्थित घर पर मिलने की बात कही, फिर मोबाइल बंद हुआ। लूट के बाद एसएसपी ने सर्विलांस टीम लगाई थी।

ऐसे अंजाम दी थी लूट की घटना

पूछताछ के दौरान पता चला कि घटना के समय झंडू, मनोज व निर्मल अपाचे बाइक से शोरूम पहुचे थे। सतनाम ग्लैमर बाइक से था। तीनों बदमाशों के पहुंचने से पहले सतनाम वहां पहले बाइक लेकर पहुंचा था और गार्ड पर नजर रखे था। अगर गार्ड अंदर दाखिल होता तो सतनाम पीछे से जाकर उसे काबू करता। लूट के बाद भी सतनाम रुका रहा, कुछ मिनट बाद वह ग्लैमर बाइक से साथियों के पीछे निकला। कुआं टांडा से आगे बढ़कर तोड़ी डीवीआर

गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि वह रास्ते में रुके। करीब चार किलोमीटर पीछे चले रहे सतनाम का इंतजार किया। जिसके बाद अपाचे बाइक से निर्मल उतर गया और वह ग्लैमर बाइक पर सतनाम के साथ बैठ गया। उसके बाद व कुआं टाडा मोड़ से नहर की पटरी पकड़ते हुए बिलसंडा की तरफ निकले। इस दौरान रस्ते में उन्होंने बाइक रोकी और डीवीआर मशीन को पत्थर से तोड़कर नहर के पानी में फेंक दिया। बिलसंडा में मनोज की पत्नी के सामने तौला सोना

सभी बदमाश मनोज के रिश्तेदार के घर बिलसंडा पहुंचे। जहां मनोज की पत्नी मौजूद थी। उसने तराजू लाकर दिया। लूटे गए जेवरात को तौला गया। कुछ हिस्सा बांटकर बाकी माल बाद में बांटने की बात कहकर झंडू, मनोज वहीं रुक गए। निर्मल व सतनाम वहां टेंपो फिर बस से शाहजहांपुर से तिलहर पहुंचे। सतनाम जेवरात लेकर गया और करीब डेढ़ घंटे बाद वापस आया तो उसने निर्मल को करीब सात लाख रुपये दिए। उसके बाद दोनों अलग हो गए। निर्मल ट्रेन से पंजाब के लिए तो सतनाम वहां से पश्चिम बंगाल जाने की बात कहकर निकल गया। मनोज व झंडू के पास है शंकर का हिस्सा

वारदात के बाद शंकर उनके साथ नहीं गया था। लूट के माल में पांचवा हिस्सा शंकर का था। जो कि मनोज व झंडू के पास था। मामला ठंडा होने के बाद ही लूट का हिस्सा शंकर को देने की बात थी। उनके पास अभी कितना लूट का माल है। तीनों की गिरफ्तारी के बाद पता चलेगा। फरार बदमाश बताएंगे किन किन सर्राफ को बेचा लूट का सोना

पुलिस की मानें तो अब फरार मनोज, झंडू व सतनाम के पकड़े जाने के बाद ही उन सर्राफ के बारे में पता चलेगा, जिन्होंने लूट का माल खरीदा है। पश्चिम बंगाल में सतनाम की लोकेशन

बदमाशों ने बताया कि जब उनकी अंतिम बात हुई तो सतनाम की लोकेशन पश्चिम बंगाल थी। वहीं सूत्रों की माने तो पुलिस को अभी भी सतनाम की लोकेशन बंगाल में मिली है। उसको पकड़ने के लिए पुलिस की टीम लगी है।

Posted By: Jagran

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