बरेली, जेएनएन। Suicide in Bareilly: लोहे की अलमारी बनाकर उसे बेचने का धंधा करने के लिए दो साल पहले लिए लोन ने युवक की जान ले ली। लॉकडाउन में धंधा ठप हो गया, जिसकी वजह से उस पर किस्त जमा करने का दबाव पड़ने लगा। इससे परेशान होकर युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम कराकर स्वजन के सुपुर्द कर दिया।

दाे साल पहले प्राइवेट कंपनी से लिया था दस लाख रूपए का लाेन 

प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरा निवासी कौशल कुमार ने बताया कि ने उनका बेटा सचिन (22) अलमारी बेचने का काम करता था। जिसके बाद लगभग दो साल पहले ही एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से 10 लाख रुपये का लोन लिया था। इसके कुछ ही समय बाद ही कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन लग गया और सचिन का धंधा ठप हो गया। इसके कारण प्राइवेट फाइनेंस कंपनी की किस्त जमा नहीं कर पाया।

लाॅॅकडाउन की वजह से नहीं जमा कर पा रहा था लाेन की किश्त 

हालांकि पिछले साल सरकार द्वारा किस्त अदा करने के बाद कुछ राहत मिली थी। कौशल कुमार ने बताया अब कोरोना की दूसरी लहर में फिर से लगे लॉकडाउन में भी उनका बेटा लोन की किस्त जमा नहीं कर पा रहा था। फाइनेंस कंपनी के एजेंट सचिन पर लगातार किस्त जमा करने का दबाव बना रहे थे। इसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा और बीती रात उसने घर पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

खिड़की के एंगल के सहारे दुपट्टे से फांसी लगा कर दी जान 

सुबह परिवार वाले उठे तो सचिन का शव दरवाजे के बनी खिड़की के एंगल से दुपट्टे के सहारे लटका देख घर में कोहराम मच गया। शोर शराबा सुन आस पास के लोग जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। पिता कौशल ने बताया कि सचिन की पत्नी सपना आठ माह की गर्भवती है। 

Edited By: Ravi Mishra