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सुबह की चाय से रात की मिठाई तक महंगाई का झटका! चीनी ₹60 तो गुड़ ₹70 पार, क्या अब अर्जेंटीना और चीन से आएगी सस्ती चीनी?

Published: Thu, 20 Aug 2026 03:50 PM (IST)

बरेली में चीनी और गुड़ के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है, जहां चीनी ₹60 और गुड़ ₹70 प्रति किलो ...और पढ़ें

चीनी और गुड़

चीनी और गुड़

HighLights

  1. एक माह में चीनी 15 रुपये तो गुड़ 10 रुपये प्रति किलो तक हुआ महंगा

  2. चीनी मिलों में कम उत्पादन व एथेनाल को मुख्य वजह बता रहे कारोबारी

मनीस पांडेय, बरेली। सुबह की चाय से लेकर शाम के दूध, मिठाई, चाकलेट आदि में प्रयोग होने वाले चीनी व गुड़ के दाम ने आम आदमी को चौंका दिया है। एक महीने के अंदर चीनी के दाम 45 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं गुड़ के दाम में भी बढ़ोत्तरी हुई है। 60 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गुड़ अब 70 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है।

ऐसे में आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ रहा है। चीनी के दाम में तेजी के चलते मिठाई कारोबार पर इसका सर्वाधिक असर पड़ता दिख रहा है। मिठाई के दाम पांच प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। वहीं रक्षाबंधन से लेकर दीपावली तक मिठाई व चीनी के दाम और ज्यादा बढ़ने की आशंका है। ऐसे में आम आदमी की परेशानी बढ़ गई है।

श्यामगंज बाजार में चीनी डीलर्स एसोसिएशन के महामंत्री श्री कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि अचानक से चीनी के दाम बढ़ रहे हैं। आजकल चीनी के बढ़ते दाम लोगों के लिए एक बड़ी बहस के रूप में सामने आ रहा है। हर जगह लोग इस महंगाई का कारण पूछ रहें हैं। उन्होंने बताया कि एथेनाल उत्पादन को चीनी के बढ़ते दाम की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

कारोबारी शैंकी बंसल ने बताया कि उनके पास डबल रिफाइंड चीनी के 50 किलो बोरे के दाम 3100 रुपये है, यह चीनी पीलीभीत में एलेक शूगर फैक्ट्री से तैयार हो रही है। वहीं बलरामपुर में तैयार हो रही सल्फिटेशन का दाम 3060 रुपये प्रति 50 किलोग्राम तक पहुंच गया है। ऐसे में यह चीनी फुटकर विक्रेता के पास एक से दो रुपये महंगी बिकेगी।

चीन की चीनी से मिल सकती है राहत

चीनी डीलर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संजीव माहेश्वरी ने बताया कि इस बार गन्ने की पैदावार कम हुई है, ऐसे में मिलों के उत्पादन पर भी असर पड़ा है। एथेनाल उत्पादन को भी लोग एक प्रमुख कारण मान रहे हैं, लेकिन मिल वाले इसे नहीं मान रहे हैं।

उन्होंने कहा कि डबल रिफाइंड चीनी 3000 से 3050 रुपये प्रति 50 किलो के भाव उनके पास है। चीनी के दाम तेजी से बढ़ने के चलते सरकार भी अब राहत देने की तैयारी में है।

सरकार ने कहा है कि चीनी के आयात पर शून्य प्रतिशत शुल्क लगेगा। ऐसे में चीनी को अर्जेंटीना व चीन के बाजार से आयात किया जा सकता है। करीब 25 वर्ष पहले एक बार ऐसा किया भी जा चुका है। यदि विदेशी चीनी आती है तो दाम एक बार फिर से गिर सकते हैं। ऐसे में लोगों को महंगी चीनी से निजात मिलेगी।

जिले की मिलोें में नहीं चीनी

चीनी डीलर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में चीनी जिले की चीनी मिलों में नहीं है। जिले की मीरगंज, बहेड़ी की मिलों में चीनी खत्म होने की बात कही जा रही है। वहीं रिछा व नवाबगंज में फैक्ट्री इस बार चली नहीं।

ऐसे में चीनी पीलीभीत व अन्य शहरों से जिले में आ रही है। चीनी के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं ने इसकी खपत घटाई है। अब चीनी की मांग करीब 10 प्रतिशत तक घट गई है। फिर भी त्योहार के दौरान इसकी बिक्री होती रहेगी।

यही हाल रहा तो और महंगी होंगी मिठाइयां

चीनी व गुड़ की महंगाई का यही हाल रहा तो आगे मिठाइयों के दाम ज्यादा बढ़ सकती है। वर्तमान में करीब पांच प्रतिशत तक मिठाइयोें के दाम पर इसका असर दिख रहा है।

अग्रवाल स्वीट के ओनर अर्पित अग्रवाल ने बताया कि चीनी की महंगाई का असर अब महसूस हो रहा है। अभी सामान्य रूप से महंगाई बढ़ी है। चौधरी स्वीट्स के ओनर अजय कुमार ने बताया कि चीनी के चलते मिठाई महंगी हो रही है। रक्षाबंधन से ही इसका असर दिखेगा।

चूरा व ठोस गुड़ दोनों के दाम बढ़े

श्यामगंज बाजार में ठोस गुड़ पहले 60 से 65 रुपये प्रति किलो हो गया, बाद में अब इसका दाम 70 रुपये पहुंच गया है। वहीं गुड़ का चूरा 70 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 80 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया है। विक्रेता गोपाल ने बताया कि चीनी के दाम बढ़ने से गुड़ के दाम पर भी असर पड़ा है। आगे से ही बढ़ा हुआ रेट आ रहा है।

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