जेएनएन, बरेली : जिले में झोलाछापों और स्वास्थ्य विभाग की संलिप्तता की जानकारी शासन तक पहुंच गई है। मलेरिया, डेंगू, झोलाछापों को लेकर ‘दैनिक जागरण’ भी सिस्टम को जगाने में लगा है। अब आकर शासन स्तर से शिकंजा भी कस गया है। शासन ने 22 नवंबर को लखनऊ में होने वाली खाद्य पदार्थो में मिलावट व नकली दवाओं के प्रचलन से जनजीवन की स्वास्थ्य समस्याओं पर रोकथाम संबंधी जांच समिति की बैठक में मंडल के चारों मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को बुलाया है। इससे पहले एडी हेल्थ ने सभी जिलों से झोलाछाप, डेंगू व अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है।

झोलाछापों ने फैला रखा जाल 

पूरे मंडल में अवैध तरीके से प्रैक्टिस करने वाले झोलाछापों ने जाल बिछा रखा है। बीते दिनों मलेरिया के प्रकोप के दौरान ही शासन ने झोलाछापों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिले में हजारों की संख्या में फैले झोलाछाप में से चंद पर ही कार्रवाई की गई। इस दौरान झोलाछापों से मोटी रकम वसूले जाने के भी आरोप लगे। इसकी खबर जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित की। उसके बाद शासन गंभीर हुआ है।

विस्तृत रिपोर्ट के साथ बुलाया 

लखनऊ में 22 नवंबर को खाद्य पदार्थो में मिलावट और नकली दवाओं के प्रचलन से जनजीवन की स्वास्थ्य समस्याओं पर रोकथाम संबंधी जांच समिति की बैठक विधान भवन में होनी है। सचिव वी हेकाली ङिामोमी ने पत्र भेजकर सभी सीएमओ से चार बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट के साथ शामिल होने को कहा है।

इन बिंदुओं पर होनी है समीक्षा

जिले में झोलाछाप की स्थिति, कितने चिह्नित किए, कितनों पर हुई कार्रवाई, पैथोलॉजी लैब, कहां कितनी चल रही, डेंगू के मरीजों के आंकड़े, रोकथाम को क्या प्रयास हो रहे और मैनपॉवर की स्थिति सहित अन्य बिंदुआें पर समीक्षा होनी है। 

मंडल के सभी सीएमओ को 22 नवंबर को विधान भवन में होने वाली बैठक में शामिल होना है। वहां झोलाछाप, पैथोलॉजी लैब, डेंगू व मैनपॉवर की समीक्षा होनी है। सभी सीएमओ से मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है।

-डॉ. राकेश दुबे, एडी हेल्थ

 

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