बरेली, जेएनएन : खुद को किन्नर बनाकर ट्रेनों में वसूली करने वालों को आरपीएफ ने पकड़कर मेडिकल कराया तो पोल खुल गई। वे किन्नर नहीं, पुरुष थे। रोजाना सैकड़ों की कमाई के लिए किन्नर का वेश रखकर ट्रेनों में घुस जाते। रुपयों की वसूली करते। पांचों आरोपित बदायूं जिले के हैं।

बुधवार करीब सवा आठ बजे एक मुसाफिर ने मुरादाबाद कंट्रोल रूम में सूचना दी थी कि धनबाद-फिरोजपुर के बीच चलने वाली किसान एक्सप्रेस ट्रेन में कुछ किन्नर यात्रियों से वसूली कर रहे हैं। लोकेशन शाहजहांपुर बताई। इससे पहले कि मैसेज शाहजहांपुर आरपीएफ पहुंचता और टीम हरकत में आती, ट्रेन वहां से रवाना हो गई। इस पर बरेली जंक्शन पर आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक विवेक सिसौदिया को मैसेज दिया गया।

रात करीब साढ़े नौ बजे ट्रेन जंक्शन के प्लेटफार्म दो पर पहुंची। आरपीएफ और जीआरपी ने किसान एक्सप्रेस के अलग-अलग कोच से पांच किन्नर पकड़े। इनकी पहचान जकील, नाजिम, चमन, ब्रजमोहन, साजिब के रूप में हुई। सभी बदायूं जिले के मूसाझाग थाना क्षेत्र में मौसमपुर गांव के थे। उनके पास से करीब आठ हजार रुपये बरामद हुए, जो ट्रेन में मुसाफिरों से वसूले गए थे।

गुरुवार को आरपीएफ ने जिला अस्पताल में आरोपितों का मेडिकल कराया तो मालूम हुआ कि हकीकत में कोई किन्नर नहीं है। बल्कि पुरुष हैं और किन्नर बनकर ट्रेन में वसूली करते थे। सभी को आरपीएफ ने कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

Posted By: Abhishek Pandey

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