जेएनएन, पीलीभीत: नकली नोटों की तस्करी से जुड़े लोगों की तलाश में एनआइए की टीम की छापेमारी जारी है। टीम ने न्यूरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत कई जगहों पर छापेमारी की और कई लोगो से पूछताछ भी की। न्यूरिया के एक गांव में रहने वाले युवक को नकली करेंसी की तस्करी में डेढ़ महीने पहले पश्चिम बंगाल में पकड़ा था। पूछताछ में नकली नोटों के बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली थी। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ की तो देश विरोधी तत्व अब बांग्लादेश के जरिये भी नकली करेंसी का धंधा कर रहे हैं।

यह तथ्य सामने आने के बाद एनआइए ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी। उसके बाद बुधवार को एनआइए लखनऊ ब्रांच की एक टीम डिप्टी एसपी बालेंदु पांडेय के नेतृत्व में पीलीभीत आई है। जानकारी के अनुसार टीम ने बुधवार को जिले के न्यूरिया, जहानाबाद, हजारा के अलावा लखीमपुर खीरी जिले के संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के कई गांवों में नकली नोटों की तस्करी करने वालों की तलाश में छापेमारी की। इसके साथ ही एनआइए की एक टीम ने उत्तराखंड के सितारगंज क्षेत्र में भी आरोपितों की तलाश की है।

एनआइए लखनऊ की टीम यहां जिले में आई है। स्थानीय पुलिस को एनआइए टीम का पूरा सहयोग कर रही है।यह साफ नहीं है कि एनआइए टीम किस सिलसिले में यहां पहुंची है। - अभिषेक दीक्षित, एसपी,

नेपाल से पीलीभीत तक नकली नोटों की तस्करी के पहले भी कई मामले सामने आ चुके है। नकली नोटों के तस्करों का नेटवर्क पश्चिम बंगाल तक फैल गया है। संभावना जताई जा रही है कि बांग्लादेश से भी अब नकली करेंसी यहां तक पहुंच रही है। डेढ़ माह पहले पश्चिम बंगाल में नकली करेंसी मामले में पकड़ा गया युवक न्यूरिया थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। यह युवक कोरियर के तौर पर काम कर रहा था।

पकडे़ गए युवक को नकली करेंसी मुहैया कराने वाला मुख्य आरोपित लखीमपुर खीरी जिले के संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव का निवासी बताया जा रहा है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की टीम को मुख्य आरोपित के नाम पते की तस्दीक के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी है। मुख्य आरोपित के दो बैंक एकाउंट होने की जानकारी एनआइए टीम को मिल चुकी है। जिसमें एक खाता तो बैंक ऑफ बड़ौदा की सिद्धनगर ब्रांच में बताया जा रहा है, जबकि दूसरा खाता एक प्राइवेट बैंक का है। बैंक खातों के जरिये एनआइए टीम को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।

ऊधम सिंह नगर जिले से भी जुड़े हैं तार : नकली करेंसी का धंधा करने वाले तस्कर गिरोह के तार उत्तराखंड राज्य के ऊधमसिंहनगर जिले से भी जुड़े हैं। सूत्रों के मुताबिक ऊधमसिंहनगर जिले के सितारगंज, खटीमा, नानकमत्ता आदि में रहने वाले कुछ युवक नकली नोट लाकर उन्हें दूसरों के लिए बेचते हैं।

एक के बदले मिलते है तीन लाख के नकली नोट : नकली करेंसी का धंधा करने वाले एक लाख रुपये की असली करेंसी लेकर तीन लाख की नकली करेंसी सप्लाई करते हैं। नकली करेंसी में सौ तथा पांच सौ रुपये के नोटों का इस्तेमाल किया जाता है।

डेढ़ माह पहले स्थानीय पुलिस ने किया था प्रयास : सूत्रों के मुताबिक नकली करेंसी का धंधा करने वाले कुछ लोगों के बारे में स्थानीय पुलिस को जानकारी हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने ग्राहक के तौर पर नकली करेंसी का काम करने वालों से फोन के जरिये संपर्क किया था। तब डेढ़ लाख रुपये देकर नकली करेंसी दिए जाने की डील हुई थी, लेकिन धंधेबाजों को किसी तरह इसकी भनक लग गई। जिस कारण वे पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके थे।

Posted By: Ravi Mishra

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