जेएनएन, बरेली : हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के हत्यारोपितों मोईनुद्दीन अहमद, शेख अशफाक हुसैन और उनके मददगारों की तलाश में बरेली मंडल में एसटीएफ व एटीएस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर से सात युवकों को हिरासत में लिया गया है, जिसके बाद बाद यह साफ हो गया कि वारदात के बाद हत्यारोपित बरेली मंडल में ही थे। इन सात लोगों की मदद से लोकेशन बदलते रहे। रविवार को नेपाल भागने की कोशिश भी की थी, मगर सफलता नहीं मिली। दोनों हत्यारोपितों की सीसीटीवी फुटेज भी शाहजहांपुर में मिल गई है।

कातिलों से संपर्क में रहने वालों से हो रही पूछताछ 

शुक्रवार को लखनऊ में हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों हत्यारोपित सूरत सिटी स्थित जिलानी अपार्टमेंट प्लांट नंबर 15-16 पद्मावती सोसायटी लिंबावत निवासी पठान मोईनुद्दीन अहमद और शेख अशफाक हुसैन बरेली की ओर भागे, इसकी जानकारी टीमों को मिल चुकी थी। सर्विलांस के जरिये पता चला कि दोनों आरोपित बरेली, पीलीभीत व शाहजहांपुर में कुछ लोगों के संपर्क में थे। इसके बाद रविवार रात से लेकर सोमवार दोपहर तक ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिसमें बरेली से पांच व पीलीभीत से एक युवक को पकड़ा, शाहजहांपुर से एक कार चालक को हिरासत में लिया।

ठहरने तक का स्थानीय स्तर पर किया था इंतजाम 

बताया जाता है कि शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि शुक्रवार रात को दोनों हत्यारोपित बरेली आकर रुके थे। इन पांचों युवकों ने उनके रुकने, खाने-पीने का इंतजाम कराया। पीलीभीत के शेरपुर कला गांव से जिस युवक को पकड़ा गया, वह भी फोन पर लगातार संपर्क में बना हुआ था। शाहजहांपुर में जिस इनोवा कार चालक को पकड़ा गया, वह दोनों हत्यारोपितों को रविवार को पलिया (लखीमपुर खीरी) से रेलवे स्टेशन तक लेकर आया था।

रेलवे स्टेशन के पास सीसीटीवी फुटेज में दिखे दोनों

रविवार रात को शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के पास लगे एक होटल के सीसीटीवी फुटेज में दोनों हत्यारोपित पैदल जाते हुए दिखाई दे रहे हैैं। एटीएस व एसटीएफ टीम ने सोमवार तड़के से दोपहर तक शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के आसपास कई होटलों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो एक होटल के कैमरे में दोनों हत्यारोपित दिख गए। होटल मालिक व अन्य कई लोगों से पूछताछ हुई तो एक इनोवा कार चालक का नंबर मिला। उसे खुटार के पास एक जगह से पकड़ा गया।

नेपाल बार्डर के करीब पहुंच चुके थे दोनों आरोपित

कार चालक को हिरासत में लेने के बाद पता चला कि रविवार को दोनों आरोपित पलिया में मिले थे। वहीं से दोनों ने कार नेपाल बॉर्डर तक ले जाने के लिए बुक की। वहां तक पहुंचते-पहुंचते शाम के सात बज चुके थे इसलिए बॉर्डर बंद हो गया। इस पर कार चालक उन दोनों को लेकर रात में शाहजहांपुर तक आया और उतार दिया। रात बारह बजे वे दोनों स्टेशन के पास पैदल गुजर रहे थे, जिसकी फुटेज कैमरे में कैद हो गई। शाहजहांपुर से दोनों आरोपित कहां गए, इस बाबत टीमें पता करने में जुटी हैं।

 

Posted By: Abhishek Pandey

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