बरेली, जेएनएन : 11 माह बाद एक मार्च को कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल खुलने जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों को सजाने और बच्चों के स्वागत की तैयारी की जा रही है। वहीं निजी स्कूलों में पढ़ाई की तैयारी तो है लेकिन वहां जल्द ही एग्जाम शुरू होने जा रहे हैं। लेकिन शहरी क्षेत्र में सड़के खुदी और रास्ते ऊबड खाबड़ हैं। इन्हीं से होकर स्कूल जाने की बच्चों के सामने मजबूरी होगी।

कक्षा एक से पांच तक के छात्र छात्राओं के लिए 11 माह बाद विद्यालय खुलने जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों में विद्यालयों में आकर्षण का भाव हो इसके लिए विद्यालय का सजाया जाएगा। उनके पहुंचने पर उनका तिलक आदि लगाकर भव्य स्वागत किया जाएगा। इसमें गांव व संबंधित विद्यालयों के आसपास के लोग शामिल होंगे। सोमवार को स्कूल खुलने से पहले विद्यालयों में तैयारी की जाती रहीं। अधिकतर विद्यालयों के अध्यापकों ने बताया कि सोमवार को स्कूल खुलने के समय से पहले पहुचंकर विद्यालय में फूल मालाएं लगवाकर उसे सजाया जाएगा। कई विद्यालयों गुब्बारे आदि लगाने की व्यवस्था भी की गई है।

वहीं निजी क्षेत्र के विद्यालय स्कूल तो खोल रहे हैं, लेकिन बच्चों के बुलाए जाने को लेकर बहुत अधिक गंभीर नहीं है। दरअसल निजी क्षेत्र के विद्यालयों की परीक्षाएं या तो चल रही हैं या शुरू होने वाली हैं। ऐसे में वह ऑनलाइन परीक्षा ही करा रहे हैं। इसके चलते बच्चों के स्कूल आने की उम्मीद कम ही है। हालांकि हिदी माध्यम विद्यालयों में बच्चों के स्कूल पहुंचने की संभावना है। यहां तैयारियां की गई हैं। ऐसे में टूटी फूटी और जलमग्न सड़कें उनके लिए मुसीबत बनेंगी।

वर्जन

सभी प्रधानाध्यापकों को तैयारी करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूल लाने का प्रयास किया जाएगा। विद्यालयों में उत्सव होगा, बच्चों का स्वागत किया जाएगा। - विनय कुमार, बीएसए

विद्यार्थियों को राहत, दोनों मोड में परीक्षा कराने को तैयार हुए स्कूल

बरेली : परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी या आफलाइन। इसे लेकर विद्यार्थी लगातार असमंज में थे। कुछ स्कूल जहां सिर्फ आनलाइन परीक्षा करा रहे थे तो कुछ सिर्फ आफलाइन तो कुछ ने दोनों विकल्प खुले रखे थे। अब स्थिति कुछ साफ हुई है। स्कूलों ने साफ कहा कि विकल्प दोनों खुले हैं लेकिन प्रयास है कि बच्चे विद्यालय आकर ही परीक्षा दें। जिन्हें आने में परेशानी है वह विद्यालय आकर संपर्क करें।

सीबीएसई के स्कूलों की सभी कक्षाओं की परीक्षाएं मार्च के प्रथम सप्ताह से शुरू होने जा रही हैं। ऐसे में 9वीं और 11वीं के विद्यार्थी परीक्षा तैयारी को लेकर पहले से ही टेंशन में थे। दूसरी टेंशन उन्हें इस बात की हो गई कि परीक्षाएं होंगी कैसे। बीते तीन दिनों से यह मुद्दा लगातार चल रहा था। कई स्कूलों के विद्यार्थियों ने मोर्चा खोल दिया था। पहले दिन स्कूलों को फोन कर दोनेां मोड में परीक्षाएं कराने की मांग की। दूसरे दिन छात्र छात्राओं ने स्कूल पहुंच कर इसकी मांग की लेकिन स्कूल बंद होने के चलते कोई परिणाम नहीं निकल सका। इसके बाद तीसरे दिन विद्यार्थियों ने जिले के अधिकारियों के मोबाइल नंबरों पर मैसेज कर दोनों मोड में परीक्षा कराने की मांग की। अभिभावकों ने कोरोना संक्रमण से बच्चों को बचाने की अपील की। दैनिक जागरण ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। रविवार को बीबीएल समेत शहर अधिकतर विद्यालयों ने 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा आनलाइन और ऑफलाइन कराने की अनुमति दे दी है। आनलाइन चाहने वाले विद्यार्थियों को स्कूल जाकर अपनी समस्या बतानी होगी। इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र भी देना होगा। वर्जन

परीक्षाएं ऑनलाइन और आफलाइन दोनो मोड में ही कराई जा रही है। प्रयास है कि अधिकतर विद्यार्थी आफलाइन आकर परीक्षा दें। अगर उन्हें परेशानी है तो अभिभावक के साथ विद्यालय आकर मिलें। प्रार्थना पत्र दें तो उन्हें आनलाइन परीक्षा देने की अनुमति दे दी जाएगी। - अल्पना जोशी, प्रिसिपल, बीबीएल स्कूल

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