जागरण संवाददाता, बरेली : मनमानी सामने आने पर अब निजी स्कूल फीस वूसली के मुद्दे पर एकजुट हो गए हैं। जिले के करीब 18,000 अभिभावकों पर करीब 20 करोड़ रुपये की फीस जमा नहीं करने का आरोप लगाकर विरोध में उतर आए हैं। देरी से फीस जमा करने वालों से जुर्माना वसूलने की तैयारी में लगे हैं। रविवार को इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने बरेली क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह आरोप लगाए।

इस दौरान एसोसिएशन के चेयरमैन पारुष अरोरा ने कहा, मंडल स्तर पर फीस अध्यादेश के बाद बनी जांच कमेटी भंग हो चुकी है। अब जिला स्तर पर कमेटी बनाई जाएगी। अभिभावकों के आरोपों पर स्कूल प्रबंधन कमेटी को अपना जवाब दे चुके हैं। सभी सूचनाएं वेबसाइट पर भी दर्ज करा दी हैं। फिर भी कुछ संस्थाओं के बहकावे में आकर अभिभावक फीस जमा नहीं कर रहे हैं। इनमें नए प्रवेशित बच्चों के अभिभावक भी शामिल हैं, जबकि फीस अध्यादेश उनपर लागू नहीं होता है। ऐसे में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए सभी स्कूल रूकी हुई फीस को पाना चाहते हैं। यदि कमेटी का निर्णय पक्ष में नहीं आता है तो ली गई फीस समायोजित कर दी जाएगी।

25 निजी स्कूल कार्रवाई की जद में

जिले में करीब 25 निजी स्कूल मंडलीय कमेटी की जांच के दौरान अतिरिक्त फीस वसूली में पकड़ में आए थे। हालांकि स्थानांतरण से पूर्व जेडी शिव प्रकाश द्विवेदी ने कमेटी की जांच कार्रवाई जिला स्तर पर डीआइओएस को सौंपने की बात कही थी। लेकिन जिला स्तर पर अभी कमेटी का गठन नहीं हुआ हैं। जुर्माना न वसूले निजी स्कूल

वहीं, अभिभावक संघ के अध्यक्ष अंकुर सक्सेना का कहना है कि नए प्रवेशित बच्चों की अभिभावक फीस जमा कर दें। निजी स्कूल रुकी फीस पर जुर्माना नहीं वसूले तथा परीक्षा से बच्चों को रोकने पर अभिभावक सड़क पर उतर आएगा।

Posted By: Jagran