बरेली, जेएनएन : जंगल में वन्यजीव द्वारा घास लेने गई महिला को निवाला बनाए जाने की अफवाह क्षेत्र में फैल गई। प्रशासन व वन विभाग के अफसरों में खलबली मच गई। वन विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंच गई। बाद में पता चला कि घास लेने गई महिला ने वन्य जीव देखा था।

गांव लालपुर की कमलेश पत्नी रामबाबू व सुरजा देवी पत्नी नन्हे शुक्रवार सुबह लगभग दस बजे पशुओं के लिए घास लेने को खेतों की ओर गईं। घास की तलाश में ये महिलाएं पड़ोसी गांव बुझिया के खेतों तक पहुंच गई। वहां मुरारी लाल के गन्ने के खेत के पास मेड़ पर ही घास छीलने लगीं। कमलेश ने किसी वन्य जीव को सामने देख चीखना शुरू कर दिया। जोर-जोर कहने लगीं शेर आ गया। थोड़ी दूरी पर सुरजा देवी थीं। शोर सुनकर उन्होंने बुझिया गांव की ओर भागना शुरू कर दिया। उनके गांव में आने के बाद शेर द्वारा एक महिला को मारकर खाने की अफवाह फैल गई। आननफानन में ग्राम प्रधान राजकुमार गुप्ता ने मस्जिद से एलान करा दिया कि कोई भी गांव का व्यक्ति खेतों की ओर न जाए। खेतों में शेर आ गया है, जिसने एक महिला को मारकर खा लिया है। इसके बाद ग्रामीण लाठी-डंडे व भाले लेकर खेतों की ओर दौड़ पड़े। सूचना पर वन विभाग के रेंजर संतोष कुमार सिंह कुछ ही देर में पहुंच गए। बहेड़ी, आंवला, फरीदपुर से भी वन विभाग की टीमें आ गई। प्रशासनिक अफसर भी पहुंच गए। हालांकि, कुछ समय बाद कमलेश भी गांव लौट आई। रेंजर ने दोनों महिलाओं से मामले की जानकारी ली। टीम के साथ उन्होंने जंगल क्षेत्र में कांबिंग की। उन्होंने खेतों में मिले पग चिह्न को शेर के होने से इन्कार कर दिया। रेंजर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि महिलाओं को गीदड़ जैसा जानवर दिखा था। घबराहट में शेर होने का शोर कर दिया, जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं था। महिलाओं ने बताया कि घास की बोरी, चप्पल व खुरपी वहीं छूट गई। घर आने पर वे बेहोश हो गई थीं। काफी देर बाद उन्हें होश आया।

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वन्य जीव कई बकरियों को बना चुके निवाला

वन्य जीव तुरसापट्टी ,बड़ेपुरा, प्रेमपुर समेत आधा दर्जन गांवों में कई बकरियों को निवाला बना चुके हैं। हालांकि, वन विभाग क्षेत्र में भेड़िया होने की बात कह रहा है।

Edited By: Jagran