जेएनएन, बरेली : निजी स्कूलों में छात्रों को लाने व ले जाने के लिए लगाई गई बसों को लेकर स्कूल प्रबंधन की मनमानी नहीं चलेगी। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने फिटनेस नहीं कराने वाले 35 स्कूलों और वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। इसके बाद स्कूलों में हड़कंप मचा हुआ है। नए नियमों में सीसीटीवी कैमरों से बच्चों की लाइव तस्वीरें अभिभावकों तक पहुंचनी चाहिए।

शासन ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्कूली वाहनों की नई नियमावली लागू कर दी है। इसको लेकर हर स्कूल में जिला स्कूल परिवहन सुरक्षा समिति का गठन किया जाना है। इस प्रक्रिया के बीच यह नियम है कि पुरानी बसों में 15 साल पुरानी, जबकि नई लगी बसों में 10 साल पुरानी स्कूल की बसें हटेंगी।

उनके परमिट कैंसिल होंगे। इसी नियमों के पालन के लिए आरटीओ ने अभियान चलाया था। स्कूली वाहनों की चेकिंग में 106 वाहनों की फिटनेस गड़बड़ होने की वजह से 35 स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं। जिसके बाद से बस मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। पुराना सेशन खत्म और नया सेशन भी शुरू होने को हैं।

ये है नियम 

सभी स्कूली वाहनों पर सीट बेल्ट हो।

बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाए जाए।

सभी स्कूली बसों में स्पीड गवर्नर हो।

ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम जरूरी हो।

स्कूली वाहनों को नियमों के पालन करने होंगे। हम फिटनेस को लेकर अभियान चला रहे हैं।- जयशंकर तिवारी, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन)

 

Posted By: Ravi Mishra

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