जेएनएन, बरेली : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर गुरुवार को विजन रुहेलखंड व यूथ इन एक्शन संस्था के संयुक्त तत्वाधान में विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के विभाग प्रचारक आनंद ने सीएए की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीएए को एनआरसी से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है। असम की स्थिति को इससे जोड़कर नहीं देखना चाहिए। सकारात्मक रहकर पूरी जानकारी प्राप्त करने से असमंजस की स्थिति दूर हो जाएगा।

डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि हमें घुसपैठिया और शरणार्थी में अंतर करना आना चाहिए। गुलफाम अंसारी ने कहा किस प्रकार पीड़ित अल्पसंख्यकों की पहचान की जाएगी। आनंद ने कहा कि स्पष्ट हो चुका है कि सीएए में नागरिकता देने का प्रावधान है, नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। इस दौरान दीप्ती भारद्वाज, आशु अग्रवाल, विवेक पटेल, अनीस अंसारी, इस्लाम सुल्तानी आदि मौजूद रहे।

पूर्व डीजीपी बोले एक्ट नहीं छीनता नागरिकता 

नागरिकता संशोधन एक्ट किसी भी मुसलमान या अन्य धर्म के व्यक्ति की नागरिकता नही छीनता। यह विचार गांव भुड़िया कॉलोनी में आयोजित एक सभा में सूबे के पूर्व डीजीपी व पूर्व एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने व्यक्त किया। भारतीय जनता पार्टी द्वारा विरोधी पाटिर्यो द्वारा केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नागरिकता संशोधन कानून के बारे में भ्रम को दूर करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वह बहेड़ी पहुंचे थे।

पूर्व डीजीपी ने कहा कि एक्ट के तहत हमारे तीन पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बंग्लादेश के पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारत में शरण देकर उन्हे नागरिकता देने का प्रावधान है। कहा कि इस एक्ट से किसी भी भारत में रहने वाले व्यक्ति की नागरिकता छीनी नहीं जा सकती। उन्होने गांव में तीस साल पहले बांग्लादेश से आये हिंदुओं को बताया कि इस एक्ट के आने के बाद अब उन्हें नागरिकता के लिए कहीं दौड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्हे आसानी से नागरिकता मिल जाएगी।

 

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