बरेली(जेएनएन)। आला हजरत परिवार की बहू रहीं तलाक पीड़िता निदा खान पर समझौते के नाम पर लाखों रुपये हड़पने के आरोप में पेश अर्जी मंगलवार को कोर्ट ने खारिज कर दी है। वसीम हुसैन की ओर से दायर अर्जी में निदा खान के अलावा अपनी बीवी रहीं शबीना और दो अन्य अबरार व आबिद को पक्षकार बनाया था।

थाना प्रेमनगर निवासी वसीम हुसैन ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि उनके खिलाफ उनकी बीवी शबीना बेगम ने दहेज उत्पीड़न सहित कई मुकदमें दर्ज करा रखे हैं। इनमें निदा खान का हाथ है। अर्जी में निदा खान पर समझौते के नाम पर पांच लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया। कहा कि 12 दिसंबर 2017 को निदा खान ने साढ़े तीन लाख रुपये लिए, जबकि 20 अप्रैल 2018 को निदा अपने साथियों के साथ मेरे घर आई और 1.50 लाख रुपये फिर मांग लिए। इसके बाद न तो सुलह कराई न ही कुल पांच लाख रुपये वापस किए। हालांकि, अदालत में वह इसके कोई सुबूत पेश नहीं कर पाए। इसके चलते अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक कुमार शुक्ला ने शिकायत को निराधार मानते हुए वसीम हुसैन की अर्जी खारिज कर दी।

बदनाम करने की थी साजिश

आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान तीन तलाक, हलाला और बहु-विवाह पीड़ित महिलाओं की लड़ाई लड़ रही हैं। निदा खान ने कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मुझे बदनाम करने की साजिश थी। अदालत ने इंसाफ कर दिया।

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