बरेली, जेएनएन। Raju Yadav Murder Case : राजू यादव ने कश्यप बिरादरी की रोजी से अंतरजातीय विवाह किया। राजू के इस फैसले पर न तो उसके घर वालों को आपत्ति थी और न ही रोजी के घर वालों को। विवाह के बाद दोनों राजी-खुशी रहने लगे। रोजी के घर से थोड़ी दूर ही मुहल्ला बस्ती के रहने वाले दोषी अमर कश्यप, भूरा व दीपू की राजू व रोजी के रिश्ते पर नजर लग गई। अंतरजातीय विवाह के चलते तीनों ही राजू के खून के प्यासे बन बैठे। बकायदा दिन, तारीख और समय बताकर होली के दिन उसकी हत्या कर दी गई।

राजू तीन भाईयों में सबसे छोटा था। उसके दो बड़े भाई बाबूराम व यशपाल हैं। राजू की पत्नी रोजी तीन बहनें व एक भाई हैं। भाई बहनों में रोजी दूसरे नंबर पर हैं। जिस वक्त राजू ने रोजी से विवाह किया। उस समय रोजी के पिता की मौत हो चुकी थी। रोजी की मां तहसील में कार्यरत हैं। बेटी के प्रेम-विवाह के बाद मां, भाई और बहनों ने कोई आपत्ति न हीं की। रोजी के मुताबिक, विवाह के बाद से ही अमर कश्यप,भूरा व दीपू राजू से रंजिश रखने लगे थे। आय दिन रास्ता रोककर उनके साथ विवाद करते थे।

आरोप है कि वारदात से कुछ दिन पूर्व रास्ता रोककर तीनों ने राजू की जमकर पिटाई की थी। राजू ने विरोध किया तो बकायदा चुनौती देते हुए तीनों ने हत्या के लिए नियत समय तक बता दिया। इसी के बाद जब घर में रंग का जश्न चल रहा था। उसी दिन दोषियों ने रंग में भंग डालकर रोजी का सुहाग उजाड़ दिया। होली की खुशियां दो घरों में अचानक से मातम में बदल गईं। राजू की जब हत्या हुई उस समय उसकी बेटी तीन साल की थी। अमर कश्यप, भूरा व दीपू को सजा मिलने पर रोजी ने कहा कि उन्हें तो उनके किए की सजा मिल गई लेकिन, मेरे जीवन का सहारा तो वह छीन ही ले गए।

Edited By: Ravi Mishra