जेएनएन, बरेली : कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सड़कें ऑन रिकार्ड होनी चाहिए। अगर अधिकारियों ने इसमें लापरवाही बरती तो फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। पिछले दिनों कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी विभाग का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें कई गड़बड़ियां मिली थी।

समीक्षा में कमिश्नर के निशाने पर रहे अफसर 

शुक्रवार को मंडलीय समीक्षा के दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कमिश्नर के निशाने पर रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके लिए रजिस्टर बनाया जाना चाहिए। कुछ भी हवा में नहीं होना चाहिए। सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरने का निर्देश दिया। साथ ही विभाग के मुख्य अभियंता से कहा कि सड़कों के रखरखाव में गंभीरता और तत्परता दिखाएं। उन्होंने आरटीओ को उन एजेंसियों के उपकरणों की जांच के निर्देश दिए, जो वाहनों की जांच करके प्रदूषण प्रमाण पत्र बांट रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ गांव में लोगों ने अपने पैसे से शौचालय बनाए हैं लेकिन अब तक उनको भुगतान नहीं हुआ है।

सीडीओ से बोले, अफसर होंगे स्वयं जिम्मेदार 

मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि इस मामले में प्रधानों के खातों में भेजी गई धनराशि की भी जांच की जाए। ओडीएफ गांवों के शौचालय की रिपोर्ट को सही कर लें अन्यथा जांच होने पर अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। नगरीय निकाय के अधिकारियों से कूड़ा प्रबंधन के लिए जगह चयनित न होने पर नाराजगी जताई। आयुष्मान योजना के तहत कहां-कहां पर इलाज हो रहा है। इसकी जानकारी दी जाए। पात्रों का रजिस्टर बनाने के साथ संचारी रोग नियंत्रण अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा कि लोगों को मच्छरदानी देने के लिए शासन को पत्र लिखा जाए। गो सरंक्षण के तहत होने वाले कामों को प्राथमिकता स्तर पर करने के निर्देश भी दिए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बरती नहीं जाए। इसके साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत गांव वार मास्टर प्लान बनाकर ग्राम प्रधानों को 10 दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि जो भी काम धन की कमी की वजह लटके हैं। उनके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाए और उसे पूरा करके संबधित विभाग को हस्तांतरित किया जाए।

 

Posted By: Abhishek Pandey

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