जेएनएन, बरेली : यूपी बोर्ड परीक्षाओं की वेब कास्टिंग से नकलचियों पर रोकथाम लगी है। नकलविहीन परीक्षा के लिए बच्चों को परेशान नहीं किया जाएगा। केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सभी सुविधाओं के साथ सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने ये जवाब दैनिक जागरण प्रश्न पहर में बुधवार को पाठकों के सवालों पर दिए। परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के लिए छात्र-छात्रओं को प्रेरित भी किया।

सवाल : प्रेमनगर स्थित एक कॉलेज में मेरी बेटी परीक्षा दे रही है। कॉलेज के गेट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं है।

- राघवेंद्र, डिफेंस कालोनी

जवाब : छात्राओं की सुरक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है। छात्रओं को डरने की जरूरत नहीं है। परीक्षा केंद्र पर पुलिस की तैनाती करा दी जाएगी।

सवाल : मेरी बेटी भी यूपी बोर्ड की परीक्षा दे रही है। उसने परीक्षा व्यवस्थाओं की तारीफ की।

- रितु श्रीवास्तव, आटामांडा

जवाब : नकलविहीन परीक्षा के साथ परीक्षार्थियों की सभी सुविधाओं की ध्यान रखा गया है। परीक्षा केंद्र पर सभी संसाधन पूरे कराए गए हैं। किसी भी तरह की असुविधा होने पर कंट्रोल रूम में फोन कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

सवाल : मैं हाईस्कूल का छात्र हूं। 11वीं में गणित और बायोलाजी में से कौन सा विषय लेना सही रहेगा?

- सचिन कुमार, धौराटांडा

जवाब : दोनों ही विषय एक समान हैं। आप अपनी रुचि के अनुसार विषय चुन सकते हैं। दोनों विषय के छात्रों के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।

सवाल : छोटे बच्चों की परीक्षाएं बोर्ड परीक्षा से पहले करा दी जाती हैं। जबकि मई तक कक्षाएं लगती हैं। छुट्टियों के बावजूद 12 माह की फीस लेकर अभिभावकों का शोषण हो रहा है।

- जाकिर अली खां, इज्जतनगर

जवाब : फरवरी से मार्च तक बोर्ड परीक्षाएं कराई जाती हैं। एक अप्रैल से स्कूलों का नया सेशन शुरू होता है। इसलिए छोटे बच्चों की परीक्षाएं जल्दी कराई जाती हैं। फीस निर्धारण के लिए शुल्क कमेटी बनी हुई है। इस सत्र में फीस को लेकर अभिभावकों के हित में निर्णय किया जा सकता है।

सवाल : परीक्षा केंद्र तक पहुंचने से पहले किस तरह घबराहट को दूर किया जाए?

- आयुष, बाईपास

जवाब : खुद पर भरोसा रखें। महज कॉपी भरने से नंबर नहीं मिलते। अब तक जितना पढ़ा है उसे रिवाइज करें। परीक्षा में साफ व स्पष्ट लिखें।

सवाल : मेरा बेटा हाईस्कूल का छात्र है। बोर्ड परीक्षा का काफी तनाव है। कैसे बिना तनाव परीक्षा में सफल हो?

- वंदना शर्मा, बड़ा बाजार

जवाब : बच्चों के साथ समय बिताएं। लगातार पढ़ाई के बीच में ब्रेक दें। खेलने व अन्य गतिविधियों के लिए भी कहें लेकिन उसमें ज्यादा समय खराब नहीं होने दें।

सवाल : प्रवेश पत्रों में काफी खामियां रहीं। कहीं-कहीं बच्चों को जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

- इमरान हुसैन, सिविल लाइंस

जवाब : प्रवेश पत्र की कमियों को स्कूल में प्रार्थना पत्र देकर ठीक करा सकते हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर फर्नीचर की व्यवस्था की गई है। किसी भी केंद्र में जमीन पर बैठकर परीक्षा नहीं कराई जा रही।

सवाल : परीक्षा के बाद मार्कशीट के एवज में वसूली की जाती है।

- सुबोध कुमार, बल्लिया

जवाब : परीक्षाफल के दौरान वसूली नहीं होगी। अगर कहीं शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

सवाल : परीक्षा में एक अंक मिलने पर छात्र पास हो जाते हैं। इससे मेधावी छात्र प्रभावित होंगे।

- अंशुमान सिंह, सुभाषनगर

जवाब : यूपी बोर्ड में चार वर्ष पहले मॉडरेशन पॉलिसी अपनाई। शून्य अंक पाने वाले छात्रों को कोई लाभ नहीं होगा। सिर्फ 60 से कम अंक पाने वाले छात्रों को ही निर्धारित अंक दिए जाते है। इससे मेधावी छात्र किसी तरह प्रभावित नहीं होंगे।

सवाल : परीक्षार्थियों पर परीक्षा केंद्रों की वेबकास्टिंग का डर बनाया जा रहा।

- हर्षित कुमार, आजादपुरम

जवाब : नकलविहीन परीक्षा का मकसद शैक्षणिक स्तर में सुधार करना है। इसके लिए शासन और विभाग दोनों प्रतिबद्ध हैं। परीक्षा केंद्रों की वेबकास्टिंग से नकल कराने वाले गिरोह के हौसले पस्त हुए हैं। बच्चों को डरने की जरूरत नहीं है।

 

Posted By: Ravi Mishra

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