जागरण संवाददाता, बरेली: आला हजरत के तीन रोजा उर्स की तैयारियां तेज हो गई हैं। दरगाह कमेटियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है। कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए इस बार भी सादगी के साथ उर्स मनाया जाएगा। नगर आयुक्त ने दरगाह, उर्स स्थल पर साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाएं मुकम्मल करने निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

तीन दिन तक चलने वाले उर्स ए रजवी की रस्में दरगाह आला हजरत, दरगाह ताजुश्शरिया, इस्लामियां ग्राउंड, सीबीगंज स्थित मदरसा जामियातुर्रजा में होंगी। उर्स का आगाज दो अक्टूबर को होगा। कुल शरीफ की रस्म चार अक्टूबर को अदा की जाएगी। प्रशासन की ओर से आनलाइन उर्स मनाने के साथ ही अधिकतम सौ लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति दी गई है। यह अनुमति बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इस कारण इस्लामिया इंटर कॉलेज ग्राउंड पर उर्स मनाने की तैयारियां शुरू की गई हैं।

नगर आयुक्त अभिषेक आनंद के अनुसार सफाई, अस्थायी शौचालय, सैनिटाइजेशन, पेयजल, पथ प्रकाश, सड़कों पर पैचवर्क, सीवर, नाली के क्षतिग्रस्त डिपो को बदलने आदि की व्यवस्था की जा रही है। आला हजरत दरगाह जाने वाले रास्ते को भी दुरुस्त किया जाएगा। उर्स में आने वाले जायरीन के लिए वजूखाना की व्यवस्था रहेगी। टीम ने मैदान के गड्ढों में मिट्टी भरने का काम शुरू कर दिया है। पानी सप्लाई की भी व्यवस्था की जा रही है।

103 लोगों का मुफ्त होगा आपरेशन

आला हजरत इमाम अहमद रजा खान फाजिले बरेलवी के 103वें उर्स की तैयारियां दरगाह ताजुशशरिया के सज्जादानशीन व काजी-ए-हिदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खा कादरी की सरपरस्ती में शुरू हो चुकी हैं। काजी-ए हिदुस्तान के दामाद फरमान मियां ने कहा कि जहां एक तरफ उर्स में परचम कुशाई, तकरीर व कुल की रस्म अदा की जाएगी। वहीं, दरगाह की ओर से 103 लोगों के मुफ्त में आपरेशन कराए जाएंगे। मीडिया प्रभारी कलीमुद्दीन ने बताया कि मोतियाबिद, पथरी, हार्निया, महिलाओं से संबंधित बीमारी व हड्डी आदि के ऑपरेशन शहर के निजी अस्पतालों में कराए जाएंगे। इसमें मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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