जागरण संवाददाता, बरेली: गणेश चतुर्थी पर भक्तों को गणपति के दिव्य स्वरूप के दर्शन होंगे। अहमदाबाद, बेंगलुरु व महाराष्ट्र से इसके लिए गणपति की प्रतिमाएं आ चुकी हैं। घरों में गणेश पूजन के लिए छोटी प्रतिमाएं तैयार हो चुकी हैं। वहीं पंडालों के लिए नौ फिट तक की गणेश प्रतिमाओं के रंग रोगन का काम चल रहा है।

गणपति भक्त भी चतुर्थी पूजन की तैयारियों में जुट गए हैं। मूर्तिकार उमेश कुमार ने बताया कि हर वर्ष भक्त नए डिजाइन में मूर्ति मांगते हैं, इसलिए इस बार महाराष्ट्र, बेंगलुरु, अहमदाबाद से प्रतिमाएं मंगाई गई है।

ढांचे के साथ अलग से आते हैं हाथ

बाहर से आने वाली प्रतिमाओं का तैयार ढांचा आता है। इसके अलावा हाथ, पैर, पीछे का सिंहासन आदि अलग से आते हैं। इन्हें एक एक कर जोड़ा जाता है। लाल बाग के राजा, डगरु सेठ की है मांग

मूर्ति बाजार में लाल बाग के बादशाह, डगरु सेठ गणपति की मांग अधिक है। इसके साथ ही मोर पर बैठे गणपति, नटराज गणेश नंदी पर बैठे आदि गणपति भी भक्तों को लुभा रहे हैं। पीलीभीत बाईपास पर गणेश प्रतिमा बनाने वाले जेठाराम ने बताया कि उनके पास परंपरागत गणेश प्रतिमाएं हैं। भक्तों में इनकी भी मांग है। विशेषकर तिरंगे में रंगे गणेश प्रतिमाएं फौजी लोग अधिक लेकर जाते हैं। कुछ तो इसके लिए ऑर्डर भी देकर जाते हैं।

तथ्य

- पिछले तीन माह से प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार

- छोटी प्रतिमाओं से लेकर नौ फीट तक की प्रतिमाएं उपलब्ध हैं बाजार में

जेठाराम ने बताया कि उनके पास परंपरागत गणेश प्रतिमाएं हैं

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