जेएनएन, बरेली: दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम ने गर्भवती की जिंदगी मुश्किल में डाल दी। भाई दूज पर लगा जाम ऐसा विकराल हुआ कि एक किमी तक वाहनों की लाइन लगी रही। इसी में गर्भवती की एंबुलेंस फंस गई। वह दर्द से तड़पती रही, चीखती रही मगर रास्ता नहीं मिला। उसकी हालत देख परिजन एंबुलेंस से उतरकर सड़क पर आ गए। रास्ता बनाते हुए खुद आगे दौड़े तब एंबुलेंस वहां से निकल सकी।

शाहजहांपुर के थाना मदनापुर के गांव उस्मानपुर की गर्भवती मीना देवी को मंगलवार दोपहर प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उन्हें वहीं के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों ने उन्हें बरेली के जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने 108 एंबुलेंस बुलाई और उन्हें तुरंत बरेली लेकर चल दिए।

शाम को लगा था लंबा जाम, रेंगकर किसी तरह निकली एंबुलेंस

शाम करीब साढ़े चार बजे हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग से लेकर फतेहगंज पूर्वी कस्बे तक करीब एक किमी लंबा जाम लगा था। एक घंटे तक एंबुलेंस वहां फंसी रही। रेंग-रेंगकर किसी तरह फाटक से निकली तो हाईवे पर कस्बा के जाम में अटक गई। दूसरी ओर मीना प्रसव पीड़ा से तड़प रही थीं। यह देखकर उनके परिजनों से रहा नहीं गया। वे एंबुलेंस से उतरकर रास्ते देने की गुहार लगाते हुए चीखने लगे। आगे खड़ी गाडिय़ों को खुद ही साइड हटवाने में लग गए ताकि एंबुलेंस निकल जाए। तब करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस जाम से निकल सकी और उन्हें बरेली पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख लखनऊ रेफर कर दिया। राम को परिवार वाले उन्हें लेकर लखनऊ के लिए निकल गए। दोबारा जाम से न जूझना पड़े इसलिए दूसरा रास्ता पकड़ा।

 

बच्चादानी फटने की कगार पर थी, लखनऊ रेफर

जिला महिला अस्पताल बरेली की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि जाम में फंसने के कारण गर्भवती की हालत बिगड़ गई थी। यहां पहुंचने पर तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। जांच में पाया गया कि बच्चादानी फटने की कगार पर थी। प्राथमिक उपचार देकर गर्भवती को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

Posted By: Abhishek Pandey

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