बरेली, जेएनएन : मऊ-चंदपुर के शिशुपाल की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा पुलिस पर किए गए पथराव में पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों के घायल होने पर पथराव करने वाले 50 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं सुसाइड नोट फर्जी होने का राजफाश होने के बाद पुलिस इस बारे में भी पता लगा रही है इसे लिखा किसने। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है। इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस पर हमले का मामला दर्ज किया गया है।

इंस्पेक्टर ने बताया कि सोमवार को वह आंवला में निकाले जा रहे जुलूस की निगरानी में मौजूद थे। उसी दौरान रामनगर चौकी इंचार्ज रामरतन ने फोन कर बताया कि ग्राम मऊ-चंदपुर से गायब युवती की ने पिता शिशुपाल ने खुदकुशी कर ली है। जब वह मौके पर पहुंचे तो शिशुपाल के घर के आसपास व छतों पर भीड़ थी। जिसने पुलिस पर पथराव किया। घटना में सिपाही धीरज और अर्जुन सिंह घायल हो गए। बता दें कि शिशुपाल की खुदकुशी के बाद उसके जेब से एक सुसाइड नोट मिला था। जिसमें उनकी बेटी की बरामदगी के लिए चौकी इंचार्ज पर एक लाख मांगने का आरोप लगाया था। जिससे परेशान होकर उन्होंने खुदकुशी की बात लिखी थी। आरोप है कि चौकी इंचार्ज पहुंचे और उस सुसाइड नोट को फाड़ दिया था। जिससे लोगों का पारा चढ़ गया और नारेबाजी कर पुलिस पर पथराव कर दिया था। जिसके बाद सीओ ने किसी तरह लोगों को शांत कराया था। लोगों की मांग पर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया था। जांच में फर्जी निकला सुसाइड लेटर

आरोप के बाद एसएसपी ने सुसाइड लेटर के हैंडराइटिग मिलान के आदेश दिए। सुसाइड लेटर से मृतक की हैंडराइटिग का मिलान नहीं हुआ। जिसके बाद यह साफ हो गया कि दारोगा को फंसाने के लिए साजिश रची गई थी। पुलिस अब इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सुसाइड लेटर लिखकर शिशुपाल की जेब में किसने डाला था। जिससे उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।

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