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भाजपा की नई टीम से राजेश अग्रवाल बाहर, पीयूष गोयल बने कोषाध्यक्ष; अब किस नई भूमिका में दिखेंगे बरेली के कद्दावर नेता?

Published: Tue, 18 Aug 2026 03:17 PM (GMT+05:30)

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राजेश अग्रवाल को बाहर कर दिया गया है, जबकि पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ...और पढ़ें

राजेश अग्रवाल

राजेश अग्रवाल

HighLights

  1. बरेली के सियासी गलियारों में चर्चा तेज, लगाए जा रहे कई कयास

जागरण संवाददाता, बरेली। भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के एलान के साथ ही बरेली की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई सूची जारी की। इसमें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही पिछले दो कार्यकाल से इस पद पर रहे बरेली के वरिष्ठ नेता राजेश अग्रवाल राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम से बाहर हो गए हैं।

राजेश अग्रवाल के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद से हटने को लेकर बरेली के राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि पार्टी अब उन्हें कौन-सी नई जिम्मेदारी देती है। हालांकि भाजपा की ओर से फिलहाल उनके अगले दायित्व को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

पार्टी में उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका को देखते हुए समर्थक बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद जता रहे हैं। राजेश अग्रवाल का राजनीतिक सफर बरेली की राजनीति में लंबा और प्रभावशाली रहा है। वह 1993 से 2017 तक लगातार छह बार विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक रहे।

पहले बरेली शहर और फिर परिसीमन के बाद बरेली कैंट सीट का प्रतिनिधित्व किया। प्रदेश की भाजपा सरकारों में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। वर्ष 2001 में वह ट्रेड टैक्स एवं संस्थागत वित्त मंत्री रहे, जबकि 2003 से 2007 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे।

इसके बाद योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया। 75 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद वर्ष 2019 में उन्होंने मंत्रिपद से इस्तीफा दिया। इसके बाद संगठन में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण होती गई। 26 सितंबर 2020 को भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया।

जुलाई 2023 में पार्टी ने लगातार दूसरी बार उन पर भरोसा जताते हुए यही जिम्मेदारी दी। संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले राजेश अग्रवाल को भाजपा के अनुभवी संगठनकर्ताओं में गिना जाता है। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के रूप में उन्होंने पार्टी के वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।

जून 2026 तक वह बरेली में पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय थे। भाजपा की नई टीम में कई पुराने चेहरों को हटाकर नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में राजेश अग्रवाल का नाम नई सूची में नहीं होना महज पद परिवर्तन के तौर पर देखा जा रहा है।

पार्टी में उनके अनुभव और राजनीतिक कद को देखते हुए बरेली में अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय नेतृत्व उन्हें संगठन में किस नई भूमिका में आगे बढ़ाता है।

राजेश अग्रवाल के लिए नई भूमिका की संभावनाओं को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ सामने नहीं आया है, लेकिन राष्ट्रीय संगठन में लंबे अनुभव, प्रदेश सरकार में मंत्री पद और छह बार विधायक रहने के कारण उनका अगला कदम बरेली की राजनीति के साथ ही प्रदेश भाजपा के लिए भी अहम माना जा रहा है। फिलहाल उनके समर्थक बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद जता रहे हैं।

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