बरेली, जेएनएन। Pilibhit Flood News : डेढ़ माह से शारदा नदी द्वारा लगातार कटान जारी है। नलडेंगा क्षेत्र में शारदा नदी द्वारा तबाही मचाई गई है। ग्रामीणों के कई घर नदी में समा गए, भू कटान भी तीव्र गति से हुआ। अब नदी ने दो महत्वपूर्ण स्परों को निशाना बनाना प्रारंभ कर दिया है। जिससे, शारदा सागर डैम पर भी खतरा मंडराने लगा है। अभियंताओं द्वारा कोई भी ठोस बचाव कार्य ना होने से ग्रामीणों में रोष है। नदी के कटान से स्थिति काफी खराब है जिससे लोग डर के साय में रहने पर मजबूर हैं।

माधोटांडा क्षेत्र के अंतर्गत शारदा नदी द्वारा कई गांवों में भारी तबाही मचाई जा रही है। नदी ने नलडेंगा, रमनगरा और बुझिया के बाद नगरिया खुर्द कला में काफी कटान किया। ग्रामीणों के कई घर नदी में समा गए। नदी का विकराल रूप देखकर कई लोगों ने स्वयं ही अपने घरों को उजाड़ना प्रारंभ कर दिया। कई एकड़ कृषि योग्य भूमि भी नदी में समा गई। बाद में नदी ने नगरिया खुर्द कला में भी भारी तबाही मचाई। अब नदी ने नलडेंगा क्षेत्र में फिर से तीव्र कटान प्रारंभ कर दिया है। एक स्पर का आगे का भाग भी नदी ने क्षतिग्रस्त कर दिया। नदी के निशाने पर दो महत्वपूर्ण स्पर भी आ गए।

स्पर नंबर 21 और 27 को नदी में अपने निशाने पर ले रखा है। इन स्परों के क्षतिग्रस्त होने के बाद शारदा सागर डैम के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। हजारों की आबादी वाले गांव पर भी नदी के कटान से भारी तबाही होने की संभावना है। ग्रामीणों की मांग के बाद भी शारदा सागर खंड के अभियंताओं द्वारा कोई भी ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है। कटान की स्थिति में हर बार झाड़ झक्काड़ एवं पेड़ों की टहनियों को डालकर कटान रोकने का प्रयास किया जाता है। नलडेंगा में बैम्बू क्रेट से भी कटान रोकने का प्रयास किया गया जो नाकाफी रहा।

उधर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हर वर्ष अस्थाई कार्य कराने के नाम से शारदा सागर खंड द्वारा लाखों रुपए ठिकाने लगाए जाते हैं फिर भी नदी का कटान नहीं रुकता है। इस बार तो स्थिति बहुत खराब है। शारदा सागर खंड के सहायक अभियंता राजकुमार ने बताया झाड़ झक्काड़ और बैम्बू कटर से ही कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

Edited By: Samanvay Pandey