बरेली, जेएनएन: कोविड की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। ऐसे में सभी कोविड अस्पतालों में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। जिले के तीनों मेडिकल कालेजों ने इसके लिए तैयारी कर ली है। 300 बेड कोविड अस्पताल में बने पीकू वार्ड में भी बच्चों के इलाज के लिए जरूरी दवाएं, इंजेक्शन के अलावा अन्य संसाधन जुटाए जा रहे हैं। कोविड अस्पताल में इलाज के लिए वेंटीलेटर, बाइ-पैप आदि उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी भी स्टाफ को दी जा रही है। वहीं कोविड वार्ड में मरीज के इलाज के दौरान स्टाफ को लाइव ट्रेनिग भी दी जा रही है। 18 दवाएं, इंजेक्शन आदि की जरूरत

300 बेड कोविड अस्पताल में बने पीकू वार्ड में कुल 55 तरह की दवाओं, इंजेक्शन आदि की जरूरत होगी। इसमें से अधिकांश दवाइयां पहले ही स्टाक में पहुंच चुकी हैं। शेष 18 तरह की दवाओं, इंजेक्शन आदि की जरूरत बताते हुए 300 बेड कोविड अस्पताल के प्रभारी अधिकारी ने मंडलीय अपर निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डा.सुबोध शर्मा को पत्र लिखा है। बाल रोग विशेषज्ञ को नोएडा में मिली है ट्रेनिग

जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा.करमेंद्र को पहले ही नोएडा में ट्रेनिग दी जा चुकी है। एसआरएमएस में बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा.पीएल प्रसाद ने बताया कि जिला अस्पताल से 10 लोगों के स्टाफ और गैर पीडियाट्रिक वार्ड के अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को संस्थान में ट्रेनिग दी जा चुकी है। इन स्टाफ की ड्यूटी 300 बेड कोविड अस्पताल में रहेगी। मेडिकल कालेजों में यह व्यवस्था

कोविड काल में बच्चों के लिए ज्यादा खतरे की आशंका मानते हुए एसआरएमएस, रोहिलखंड और राजश्री मेडिकल कालेज में कोविड काल में बच्चों के इलाज के लिए पहले से ही व्यवस्थाएं मुकम्मल कराई गई हैं। यहां के स्टाफ को बच्चों के इलाज के लिए जरूरी ट्रेनिग भी दी जा चुकी है। 100-100 बेड के अस्पताल, इनमें आधे आइसीयू

सभी मेडिकल कालेजों में बच्चों के लिए 100-100 बेड का कोविड एरिया है। इसमें से हर मेडिकल कालेज में 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड होगा। 25 बेड साधारण आइसीयू के होंगे। शेष 25 आइसीयू बेड वेंटीलेटर सपोर्ट के साथ रहेंगे। हर दो वेंटीलेटर बेड पर एक प्रशिक्षित नर्स की तैनाती रहेगी। वर्जन..

कोविड अस्पताल में पी-आइसीयू वार्ड के लिए जो भी आवश्यक दवाइयां मांगी गई हैं, उन्हें उपलब्धता के आधार पर तत्काल दिया जाएगा। इसके अलावा भी कुछ दवाएं बचीं तो डिमांड भेजकर उनकी जल्द सप्लाई ली जाएगी।

- डा.सुबोध शर्मा, मंडलीय अपर निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक

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