जेएनएन, बरेली : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) आने के बाद लोगों ने कागजात जुटाने की कवायद शुरू कर दी। इसके साथ ही जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए फर्जीवाड़ा के मामले भी सामने आ रहे। शुक्रवार को भी ऐसा ही प्रकरण पकड़ में आया।

आजमनगर निवासी बुजुर्ग शुक्रवार को नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में अपना जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचे। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में उम्र का प्रमाण साबित करने को कर्मचारी नगर स्थित चंद्रशेखर आजाद पब्लिक स्कूल की टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) लगाई थी। जिसमें उनकी उम्र एक जनवरी 1959 दिखाई।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी खलीक अहमद ने प्रमाण पत्र फर्जी होने की आशंका जताते हुए उनसे पूछताछ की। सवाल पूछा कि वर्ष 1959 में तो कर्मचारी नगर ही नहीं बसा था तो फिर स्कूल कहां से आ गया। बुजुर्ग फंसने लगे तो वहां से रफूचक्कर हो गए। विभागीय कर्मचारियों ने जांच भी कराई जिसमें टीसी फर्जी पाई गई।

तीन बार पकड़े फर्जी प्रमाण पत्र : जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर पहले भी फर्जीवाड़े हुए। बीते दिनों एक महिला और उसके बच्चों के जोगी नवादा के एक सुविधा केंद्र पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना दिए गए। इसी तरह किला क्षेत्र में भी जन सुविधा केंद्र पर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के केस मिले। तहरीर के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।

करीब दो सौ प्रमाण पत्र बन रहे रोजाना : नगर निगम में एक दिन में जहां पहले दस से बीस अधिकतम जन्म प्रमाण पत्र बनाने को लोग आते थे। सीएए आने के बाद लोगों की संख्या सात गुना से अधिक बढ़ गई है। अब रोजाना डेढ़ से दो सौ लोगों के प्रमाण पत्र बनने को पहुंच रहे हैं। सभी मामलों में स्टाफ पूछताछ कर आवश्यक जांच भी कर रहा है।

जन्म प्रमाण पत्र बनाने को फर्जी टीसी लगाने के प्रकरण की जानकारी ली जा रही। कागजों की जांच के बाद ही प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। इससे पहले भी कुछ मामले आए मगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। -संजीव प्रधान, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

 

Posted By: Ravi Mishra

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