बरेली, जेएनएन। बरेली के कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए मोदीनगर प्लांट से लिक्विड ऑक्सीजन लेकर टैंकर चला। रविवार रात वह बरेली नहीं पहुंचा। मिलक तक लोकेशन मिलने के बाद अचानक रूट से गायब हो गया। बमुश्किल ड्राइवर से संपर्क होने के बाद सामने आया कि लखनऊ में आपात स्थिति होने की वजह से टैंकर को लखनऊ लाया जा रहा है। चूंकि बरेली में भी ऑक्सीजन की आवश्यकता थी। ड्रग आयुक्त संजय कुमार और डीएम नितीश कुमार खुद सक्रिय हुए। रात में ही एक और लिक्विड ऑक्सीजन लदा टैंकर मंगवाया गया। जिसके बाद बरेली के अस्पतालों में ऑक्सीजन  आपूर्ति दी जा सकी।

रविवार को डीएम कैंप कार्यालय पर ऑक्सीजन प्लांट संचालकों के साथ बैठक थी। पहले कच्चा माल काशीपुर से आता था, लेकिन अब मोदीनगर से लिक्विड ऑक्सीजन मंगवाई जा रही है। जिसको बरेली के तीन प्लांट में उपचारित करने के बाद अस्पतालों में सप्लाई दी जाती है। ऑक्सीजन की मांग बढ़ने के बाद रविवार रात में एक टैंकर बरेली के लिए मोदीनगर के प्लांट से चला। रात में मिलक तक आने के बाद अचानक उसकी लोकेशन मिलना बंद हो गई। ड्राइवर से संपर्क होने के बाद सामने आया कि पुलिस अभिरक्षा में टैंकर को लखनऊ ले जाया जा रहा है। इसके बाद आनन-फानन में दूसरा लिक्विड ऑक्सीजन का टैंकर मोदीनगर ऑक्सीजन प्लांट से मंगवाया गया।

अब पुलिस अभिरक्षा में आएंगे ऑक्सीजन टैंकर

सहायक ड्रग आयुक्त संजय कुमार के मुताबिक ऑक्सीजन टैंकर पर लखनऊ में भीड़ के हमलावर होने के बाद सभी टैंकरों को पुलिस स्क्वाड के साथ ही लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बरेली में ऑक्सीजन की फिलहाल कोई कमी नहीं है। कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों काे ऑक्सीजन दी जा रही है।

शासन को भेजी 45 टन की डिमांड

बरेली में तीन कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन के अपने प्लांट हैं। काशीपुर और मोदीनगर से 22 टन आक्सीजन की आपूर्ति सोमवार रात तक बरेली आ रही है। ड्रग विभाग की तरफ से 45 टन ऑक्सीजन की डिमांड शासन को भेजी गई थी।आक्सीजन तैयार करने के लिए कच्चा माल काशीपुर, मोदीनगर से आता है। आपूर्ति आने के बाद कोविड अस्पतालों में शामिल राजश्री, खुशलोक, मिशन, सिद्धि विनायक, मेधांश, विनायक समेत दस अस्पतालों को आक्सीजन आपूर्ति जाती है। ड्रग विभाग नॉन कोविड अस्पतालों की आपूर्ति पर भी निगरानी रखता है। बरेली में ऑक्सीजन आपूर्ति की नोडल अधिकारी ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला हैं।