बरेली, जेएनएन। हाथ में गंभीर चोट लगने पर जिला अस्पताल में पहुंची 90 वर्षीय महिला की जांच रिपोर्ट पाजटिव बताकर उसे कोविड अस्पताल भेज दिया। वहां पर दो घंटे बाद कराई गई जांच में उसकी रिपोर्ट निगेटिव निकली। लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों की एक लापरवाही के चलते वृद्ध महिला को असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी। हालांकि, अभी भी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि असल में महिला निगेटिव है या पाजिटिव। इसलिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट का इंतजार है।

महाराणा प्रताप मंडलीय संयुक्त चिकित्सालय में इलाज कराने से पहले कोविड जांच की अनिवार्यता कर दी गई। इस वजह से सुभाष नगर की निवासी प्रेम वती इलाज कराने के लिए पहुंची। सीढ़ी से गिरने की वजह से उनके हाथ में गंभीर चोट लगी थी। बताया कि उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। जिला अस्पताल में करीब साढ़े 10 बजे कोविड जांच कराई तो उनकी रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई और उन्हें रेफर कर दिया। इसके बाद जब 300 बेड अस्पताल में जांच कराई तो वहां एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आई। लेकिन हाथ में लगी चोट की असहनीय पीड़ा से वह कराहती रहीं। इसके बाद उन्हें दर्द निवारक इंजेक्शन भी दिया गया लेकिन उन्हें बहुत आराम नहीं मिल सका। रिपोर्ट पाजटिव होने की वजह से उनका इलाज नहीं हो सका। अब दोनों में से कौन सी रिपोर्ट सही है। इसकी जानकारी तो आरटीपीसीआर रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। प्रयोगशाला प्रभारी डा यूवी सिंह ने कहा कि दोनों जांच रिपोर्ट देखी हैं। पोर्टल पर पाजिटिव की रिपोर्ट चढ़ी है। आरटीपीसीआर में स्पष्ट होगा कि गलती किस लैब से हुई है।

Edited By: Ravi Mishra