बरेली, जेएनएन : आला हजरत खानदान के शीरान रजा खां और उनकी बीवी रहीं निदा खान के बीच चल रहीं सुलह की कोशिशें नाकाम हो गई हैं। सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के मीडिएशन सेंटर में दोनों पक्षों को साथ बैठना था। इसमें निदा खान पहुंचीं, मगर शीरान रजा खां इलाहाबाद नहीं गए। इसलिए मीडिएशन सेंटर से सुलह की कवायद रद करते हुए फाइल हाईकोर्ट भेजने का निर्देश जारी हो गया है। 

निदा-शीरान की शादी 28 फरवरी 2015 में हुई थी। शादी के चंद महीनों बाद ही दोनों में मतभेद पैदा हो गए। विवाद बढ़ता गया। वर्ष 2016 में मामला कोर्ट तक पहुंच गया। यहां शीरान रजा खां ने निदा खान को तलाक देने का दावा पेश किया। तभी से दोनों पक्ष कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। अभी यह मामला हाईकोर्ट में है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों में सुलह के लिए यह केस मीडिएशन सेंटर में भेजा। जनवरी में मीडिएशन सेंटर पर दोनों पक्ष आमने-सामने बैठे। गिले-शिकवों पर चर्चा चली। इसके बाद 21 जनवरी को फिर मीडिएशन सेंटर में दोनों का आमना सामना हुआ। यहां शीरान रजा खां ने निदा खान को बिना शर्त अपनाने की लिखित रजामंदी पेश कर दी। इस सहमति में शीरान रजा खां ने स्पष्ट किया है कि हलाला औरत के ऊपर निर्भर है, वह चाहें तो हलाला करें या न करें।

सहमति पत्र लीक होने पर मचा विवाद

शीरान रजा खां की सहमति का यह पत्र लीक होने के बाद इस पर विवाद छिड़ गया। उलमा-ए-कराम भी इस पर नाराज हुए। तभी से इस बात के संकेत मिल रहे थे कि सुलह की यह कोशिश नाकाम होगी। क्योंकि शीरान रजा खां ने मीडिया में लिखित बयान जारी कर ऐसी सहमति से इन्कार कर दिया था। सोमवार को यह आशंका सच साबित हुई।

निदा पहुंची, शीरान रहे नदारद

निदा खान मीडिएशन में पहुंची, अपना पक्ष रखा। मगर शीरान रजा हाजिर नहीं हुए। मीडिएशन सेंटर से शीरान रजा खां से संपर्क भी साधा गया। तीसरे दौर की वार्ता में उनके न पहुंचने से इस केस को मीडिएशन सेंटर ने निरस्त कर दिया है। निदा खान को अवगत कराया कि अब इस पर हाईकोर्ट से ही फैसला होगा। 

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