जेएनएन, बरेली। तीन तलाक और हलाला पीड़ित की आवाज बुलंद करने वाली निदा खान बुधवार को एडीजी प्रेम प्रकाश से मिलीं। इंसाफ की मांग उठाई। यह कहते हुए कि जब से मेरे खिलाफ गैर-इस्लामिक तरीके से फतवा जारी हुआ, कोई मेरी चोटी काटने की धमकी देता है। कोई पत्थर मारकर देश छोड़ने की और कोई गर्दन काटने का एलान करता है। यह सब शीरान रजा और शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम का किया धरा है। लिहाजा फतवा जारी करने वाले मुफ्ती खुर्शीद आलम को फौरन गिरफ्तार किया जाए। वरना, उन्हें कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा। जब उनसे पूछा गया कि बड़ा कदम क्या होगा?, तो कहा कि कार्रवाई के लिए शासन के उच्चाधिकारियों के पास जाऊंगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी ने निदा को कार्रवाई और सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया। साथ ही एडीजी कार्यालय ने निदा प्रकरण में बारादरी थाने से अब तक हुई कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की है। उधर, जब निदा से पूछा कि ऐसा कौन सा कदम उठाएंगी तो उन्होंने कहा कि मैं कोई कड़ा कदम उठा सकती हूं..। हालांकि, तीन दिन पहले भी निदा की ओर से इंसाफ न मिलने पर आत्महत्या करने संबंधी बयान आए थे। तब उन्होंने उसका खंडन करते हुए कहा था कि वह अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ेंगी, आत्महत्या नहीं करेंगी। अब एडीजी के सामने दिया उनका लिखित बयान पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई की ढिलाई बयां कर रहा है।

--शौहर से लड़ाई को शरीयत का रंग : निदा ने एडीजी से कहा कि मेरी शौहर शीरान रजा खां से कानूनी लड़ाई चल रही है। जब उन पर कार्रवाई होने की बारी आई तो शरीयत का रंग दे दिया। कार्रवाई न होने से इनके हौसले बुलंद हैं। मुझे तालिबानी फरमान पर झुकने को मजबूर किया जा रहा है।

--निदा के खिलाफ यह था फतवा : जुलाई में निदा के खिलाफ इस्लाम से खारिज करने का फतवा जारी हुआ था। इसमें मुसलमानों को यह हुक्म दिया गया था कि निदा बीमार पड़ जाएं तो कोई देखने न जाए। मर जाएं तो दफनाने के लिए कब्रिस्तान में दो गज जमीन न दी जाए। इस फतवे की देश भर में आलोचना हुई।

--मिली थी चोटी काटने व देश छोड़ने की धमकी : फतवे के तीन-चार दिन बाद ही ऑल इंडिया फैजाने मदीना कौंसिल के अध्यक्ष मोईन सिद्दीकी नूरी ने निदा की चोटी काटने का एलान कर दिया। देश छोड़ने की भी धमकी दी। निदा ने फतवा और चोटी काटने की धमकी पर बारादरी थाने में दो मुकदमे दर्ज कराए। आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को निदा के खिलाफ फिर जान से मारने की धमकी भरा पत्र जारी हुआ। यह पत्र समाजवादी पार्टी के लेटर हेड पर था। हालांकि, जिस शख्स मुहम्मद अनीस खां तहसीनी के नाम से पत्र जारी हुआ, उन्होंने इसे फर्जी बताया। खुद भी एसएसपी को तहरीर दी। जांच की मांग उठाई।

--कौन हैं निदा और शीरान : निदा की शादी वर्ष 2015 में आला हजरत खानदान के शीरान रजा खां से हुई थी। शादी के बाद इन दोनों में विवाद हो गया है। अब इनका मामला कोर्ट में है। निदा आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी बनाकर तलाक पीड़िताओं की आवाज उठा रही हैं।

Posted By: Jagran

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