बरेली, जेएनएन। Bareilly Ring Road News : फोरलेन प्रोजेक्ट के बाद बरेली की अधूरी रिंग रोड के सर्वे को एनएचएआइ की बरेली और आगरा इकाई ने मिलकर पूरा किया है। 41 किमी लंबी रिंग रोड के लिए अब 37 गांवों की जमीनों का अधिग्रहण होना है। एनएचएआइ ने गजट नोटिफिकेशन जारी करके जमीन अधिग्रहण का रास्ता साफ कर दिया है। ठीक एक दिन पहले हुई जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में बदलाव के सुझाव पर प्रशासन ने काम शुरू नहीं किया। एनएचएआइ ने गजट नोटिफिकेशन तैयार होने का हवाला देकर पहले ही पल्ला झाड़ लिया।

रिंग रोड के एलाइनमेंट मेंं कोई खास बदलाव की सूरत नहीं बन सकी। एक दिन पहले हुई बैठक में मीरगंज और बिथरीचैनपुर विधायक ने नाराजगी जाहिर की थी। विधायकों का स्पष्ट करना था कि ये रिंग रोड फतेहगंज पश्चिमी के पास से निकलते हुए बदायूं रोड में जुड़नी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं होने से भविष्य के बरेली के साथ खिलवाड़ किया गया है। लेकिन प्रशासन ने गुरुवार को 37 गांवों की जमीनों को चिह्नित करने के लिए विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप दी है।

दो आेवरब्रिज के साथ 41 किमी लंबी होगी रिंग रोड बरेली में बड़ा बाइपास से इन्वर्टीस यूर्नीवर्सिटी वाले तिराहा से जीरो प्वाइंट तक रिंग रोड का निर्माण हो चुका है। लेकिन यह आधे शहर को ही जोड़ती है। जीरो प्वाइंट से बदायूं रोड होते हुए बड़ा बाइपास से इन्वर्टीस यूर्नीवर्सिटी वाले तिराहा जोड़ने के लिए 41 किमी लंबी रिंग रोड और तैयार होनी है। इसमें दो आेवरब्रिज भी तैयार होने हैं।

चार साल बाद दोबारा शुरू हुआ प्रोजेक्ट, अब अंजाम तक पहुंचेगा वर्ष 2017 में सर्वे कराने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। बजट तय हुआ 1155.83 करोड़, लेकिन शासन से फंड नहीं जारी हो सका। 30 दिसंबर 2020 को बरेली के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल के बरेली दौरे में ठंडे बस्ते से प्रोजेक्ट फिर बाहर आ गया। सुझाव माने नहीं, नाराजगी के साथ खत्म हुई थी

बैठक एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी मदन कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड राजेंद्र कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हरवंश सिंह, संयुक्त नियोजक निरविकार, डिप्टी कलेक्टर आंवला प्रदीप रमन, बीडीए के अधीक्षण अभियंता डीसी तोमर, एनएचएआइ के उप प्रबंधक तुषार सिंह के साथ दो बैठकें की थी। फिर तय हुआ कि जनप्रतिनिधियों के साथ भी मंथन होने चाहिए। लेकिन यह बैठक जनप्रतिनिधियों की नाराजगी पर खत्म हुई।

इन फोरलेन के चौड़ीकरण का रास्ता हो चुका है साफ

शाहजहांपुर रोड पर सेटेलाइट चौराहा से इन्वर्टिस तिराहा तक

दिल्ली रोड पर मिनी बाइपास से जीरो प्वाइंट

पीलीभीत रोड पर सेटेलाइट चौराहा से बरेली एयरपोर्ट

रिंग रोड बनने के बाद बरेली के अंदर आने वाले वाहनों का दबाव भी कम होगा। शहर के रिंग रोड इतने सालों से अधूरी पड़ी थी। अब तेजी के साथ इसका अधूरा निर्माण पूरा कराया जाएगा। - नितीश कुमार, डीएम बरेली

 

Edited By: Ravi Mishra