जागरण संवाददाता, बरेली : आला अफसर सक्रिय हुए तो जांच टीमें क्लू हासिल करने में लग गई। पीड़ित परिवार का कहना था कि बदमाश स्थानीय भाषा बोल रहे थे। चूंकि पुलिस पहले ही शक जता रही थी कि तीनों में कोई एक स्थानीय लुटेरा भी हो सकता है, इसलिए आसपास के बदमाशों पर नजर है। संजयनगर और हरुनगला क्षेत्र से जुड़े कुछ सुराग हाथ लगे हैं, जिन पर टीमें काम कर रहीं। फिलहाल जिस तरह वारदात को अंजाम दिया गया, उसके बाद पुलिस मान रही कि यह कोई नया गैंग भी हो सकता है। जिस तरह वारदात को अंजाम दिया गया, वह भी एक दम नया तरीका था। अब सादा वर्दी में पुलिस टीमें अलग क्षेत्रों में नजर रखे हैं ताकि कुछ जानकारियां मिल सकें।

हरुनगला पर भी नजर

दूसरी ओर संजयनगर और हरुनगला में संदिग्धों की मूवमेंट देखे जा रहे। कौन संदिग्ध कब बाहर गया, पिछले दिनों गतिविधियां क्या थीं, यह जाना जा रहा। कई नंबरों को भी सर्विलांस पर लगाया गया है। पुलिस का मानना है कि 25 से 28 वर्ष उम्र के बदमाशों का यह नया गिरोह हो सकता है। सफेद अपाचे रखने वाले लड़कों को भी तलाशा जा रहा है जोकि बीते सालों में संदिग्ध रहे हैं।

तोड़ दिए थे मोबाइल फोन

बदमाशों ने लूट के दौरान बंधक बनाते ही सर्राफ समेत सभी के मोबाइल कब्जे में ले लिए थे। इसके बाद मोबाइल को जेब में नही रख बल्कि तोड़ दिया था। घटना के बाद एसटीएफ, क्राइम ब्रांच ने सर्राफ के साथ काम करने वाले कर्मचारियों के साथ ही दोनों गार्ड से कई बार पूछताछ की। पुलिस को आशंका है कि इनमें से कोई रेकी के लिए बदमाश पहले भी आया होगा।

Posted By: Jagran

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