जेएनएन, बरेली : दर्जनों मरीजों की जान जोखिम में डालने वाला मिनी बाईपास स्थित नवोदय अस्पताल बिना फायर विभाग के एनओसी के ही चल रहा है। शनिवार को फायर विभाग के एफएसओ की जांच में यह खुलासा हुआ। मौजूदा समय में अस्पताल में एनओसी तो थी ही नहीं, मानक भी पूरे नहीं मिले। बावजूद इसके अस्पताल के बेसमेंट में भी मरीजों का इलाज चल रहा था। पंजीकरण कराने के दौरान मानकों का कितना ध्यान रखा गया यह भी आने वाले समय में जांच के बाद ही पता चल पाएगा। दमकल विभाग ने अब अस्पताल मालिक से बीडीए से पास हुआ नक्शा मांगा है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अस्पताल मालिक ने सोमवार तक कागजात उपलब्ध कराने की बात कही है। अधूरे मानक पर स्वास्थ्य विभाग ने किया रजिस्ट्रेशन

मिनी बाईपास पर स्थित नवोदय अस्पताल के मालिक ने स्वास्थ्य विभाग से 25 बेड के नर्सिग होम का रजिस्ट्रेशन करा रखा है। अचरज की की बात है कि स्वास्थ्य विभाग ने बिना प्रॉपर चेकअप किए ही अधूरी व्यवस्थाओं वाले अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कर दिया। अस्पताल के बेसमेंट में ही ओटी चल रही थी और आईसीयू के मरीज भी एडमिट थे। जिम्मेदार फेल, एनओसी में हुआ खेल

अस्पताल मालिक ने फायर एनओसी से बचने के लिए ही खेल कर दिया। मानक के अनुसार 500 वर्ग मीटर एरिया से कम आवासीय बिल्डिंग के लिए एनओसी लेने की जरूरत नहीं होती है, लेकिन फायर सुरक्षा के मानक पूरे करने होते हैं। वहीं 500 वर्ग मीटर से कम एरिया में अगर कोई कामशिर्यल गतिविधि होती है तो एनओसी जरूरी है। अस्पताल मालिक ने अस्पताल को आवासीय भवन बताकर बिल्डिंग तैयार कर ली और उसके बाद अस्पताल शुरू कर दिया लेकिन फायर से एनओसी नहीं ली।

घटना के बाद लगवाए अग्निशमन यंत्र

शुक्रवार को जब आग लगी तो अस्पताल में आग बुझाने के उपकरण नहीं थे। हादसे के बाद अस्पताल के कर्मचारी सामने मौजूद दुकान पर जाकर आग बुझाने के उपकरण लाए। जिससे होने वाली जांच में इन उपकरणों को अस्पताल में दिखाया जा सके। राम भरोसे अस्पताल, वाय¨रग से पहले मरीज हुए भर्ती

हादसा होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने सबक नहीं लिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक आग लगने के तुंरत बाद अस्पताल खाली कराया था। लेकिन शनिवार को मरीजों को वापस उन्हीं वार्डो में भर्ती कर लिया गया। ओपीडी भी शुरू कर दी। वह भी तब जबकि अस्पताल में शार्ट सर्किट से ध्वस्त हुई वाय¨रग का काम भी पूरा नहीं हुआ था। वर्जन

अस्पताल में टीम के साथ गया था, वहां पर निरीक्षण में फायर सुरक्षा के मानक पूरे नहीं मिले। अस्पताल मालिक से कागज मांगे गए हैं। सोमवार तक कागज उपलब्ध कराने का वक्त मांगा गया है। कागज देखने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

सोमदत्त सोनकर, एफएसओ वर्जन

टीम ने मौके पर निरीक्षण किया था। अस्पताल के पेपर्स मांगे गए हैं लेकिन मैं अभी बाहर हूं। बरेली पहुंचकर सोमवार को मैं खुद अस्पताल का निरीक्षण करूंगा उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।

डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ बीडीए से आवासीय नक्शा पास हुआ था। ऐसे में फायर विभाग की एनओसी देखने का मतलब ही नहीं था। हां, आवासीय नक्शे पर हॉस्पिटल चलाने के मामले में सोमवार को बीडीए टीम मौके पर निरीक्षण करने के बाद कार्रवाई करेगी।

- सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, सचिव, बीडीए

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