बदायूं, जेएनएन। सामूहिक दुष्कर्म व हत्या प्रकरण में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने विवादित बयान दिया। गुरुवार को घटनास्थल देखने के बाद उन्होंने कहा कि किसी महिला को शाम को इस तरह अकेले नहीं जाना चाहिए था। यदि उस महिला के साथ कोई बच्चा भी गया होता तो इस तरह की घटना शायद न होती। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। वहीं, मुख्य आरोपित अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। 

गुरुवार दोपहर को बदायूं पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी ने एसएसपी संकल्प शर्मा से पूरा घटनाक्रम पूछा। इसके बाद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गांव गईं। करीब 10 मिनट वहां रुककर स्वजन से बात की। आश्वासन दिया कि प्रशासन और सरकार उनके साथ है। अपना फोन नंबर भी दिया। इसके बाद घटनास्थल पहुंची। वहां मीडिया से कहा कि महिला अपराध के मामलों में सरकार सख्त है। प्रदेश सरकार मिशन शक्ति चला रही है। इसके बावजूद ऐसी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसका मतलब है आपराधिक मानसिकता के लोगों में पुलिस का खौफ नहीं है। बताया जा रहा कि महिला को दरवाजे पर छोड़ा गया तब सांसें चल रही थीं। पुलिस को उसी समय सक्रिय होना चाहिए था। चंद्रमुखी देवी ने यह भी कहा कि पता चला है कि महिला को फोन करके बुलाया गया था। शाम को किसी भी महिला को किसी के प्रभाव में आकर अकेले कहीं नहीं जाना चाहिए। अगर साथ में कोई बच्चा भी गया होता तो शायद यह घटना न हुई होती।राज्य महिला आयोग की सदस्य मिथलेश अग्रवाल भी पीड़ित परिवार से मिलीं। बताया कि रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष से परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। 

 

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021