जागरण संवाददाता, बरेली: कोरोना संक्रमण और शीतलहर के चलते शासन ने स्कूल-कालेज 23 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। लेकिन छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए निजी स्कूल पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन परिषदीय स्कूलों में संसाधनों के अभाव के चलते परेशानी आ रही है।

जिले में सीबीएसई और सीआइएससीई बोर्ड से संबद्ध 650 स्कूल हैं। निजी स्कूलों में करीब सप्ताह भर पहले से ही आनलाइन कक्षाएं संचालित हैं। कुछ स्कूलों में तो शिक्षक भी स्कूल आने की बजाय घर से ही छात्रों को पढ़ा रहे हैं। जिले में 2,482 परिषदीय विद्यालय हैं। आनलाइन पढ़ाई के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के साथ आ रही है। विभागीय अधिकारियों और शिक्षकों का कहना है कि नेटवर्क और स्मार्टफोन न होने से विद्यार्थियों को आनलाइन कक्षा से जुड़ने में परेशानी हो रही है। निजी स्कूलों में भले ही आनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई हो लेकिन, छोटी कक्षाओं जैसे नर्सरी, एलकेजी, पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा के छात्रों को आनलाइन समझने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्जन

सभी स्कूलों में आनलाइन पढ़ाई शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। जिन छात्रों के पास लैपटाप या स्मार्टफोन नहीं है, उनके आसपास के किसी जानने वाले के सहारे उन्हें अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

डा. मुकेश कुमार सिंह, डीआइओएस स्कूल बंद होने से अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों ने आनलाइन पढ़ाई शुरू करा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों के आनलाइन पढ़ाई से न जुड़ने की समस्या सामने आ रही हैं। नया विकल्प ढूंढा जा रहा है।

विनय कुमार, बीएसए

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