जागरण संवाददाता, बरेली : सुरमे के लिए मशहूर बरेली में नजर सुधारने का काम इस दफा खूब हुआ। नेशनल प्रोग्राम फॉर कंट्रोल ब्लांइडनेस की जारी रैंकिंग में मोतियाबिंद के ऑपरेशन कर सूबे भर में दूसरा स्थान हासिल किया है। पहला स्थान गौतमबुद्ध नगर का है, जबकि औरेया और अमेठी का खाता भी नहीं खुला है। वहीं, निश्शुल्क चश्मा वितरित करने में भी बरेली पांचवे स्थान पर रही। अलबत्ता, पड़ोस के जिले इस मामले में जरूर पिछड़ गए।

मोतियाबिंद ऑपरेशन में मंडल की यह रही स्थिति

जिले को अप्रैल से मार्च 2019 तक कुल 22955 मोतियाबिंद ऑपरेशन करने का लक्ष्य दिया गया था। पहले महीने ही में स्वास्थ्य विभाग ने 2301 ऑपरेशन कर दिए, यह लक्ष्य का करीब दस फीसद रहा। गौतमबुद्ध नगर 11 फीसद से ज्यादा ऑपरेशन कर टॉप पर रहा। वहीं, पीलीभीत ने 10473 लक्ष्य में महज 402 ऑपरेशन (3.84 फीसद) कर 32वां, बदायूं ने 16715 में से 377 (2.26फीसद) कर 56वां और शाहजहांपुर ने 15434 में 270 (1.75 फीसद) ऑपरेशन कर 61वां स्थान हासिल किया है।

निश्शुल्क चश्मे पहनाने में पांचवा स्थान

बरेली को इस वर्ष ऑपरेशन के बाद निश्शुल्क 4474 चश्मे पहनाने का लक्ष्य मिला था। पहले महीने 182 चश्मे(4.07फीसद) वितरित कर प्रदेश में पांचवा स्थान हासिल किया। बदायूं सालाना लक्ष्य 3720 के एवज में पहले महीने 130 चश्मे (3.49 फीसद) ही बांटे गए। स्थान छठा रहा। पीलीभीत को 2041 और शाहजहांपुर को 3008 निश्शुल्क चश्मे साल भर में बांटने का लक्ष्य मिला था। दोनों जिले खाता नहीं खोल पाए। वर्जन

बरेली स्वास्थ्य महकमे ने सरकारी योजना लॉन्च होने के बाद से ही इस पर अमल करना शुरू कर दिया था। इसी वजह से हम लगातार लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। लखनऊ में मिली प्रशंसा के बाद अब और तेजी से लोगों की आंखों की रोशनी बचाने का काम होगा।

- डॉ. विनय कुमार शुक्ल, सीएमओ, बरेली

Posted By: Jagran

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