बरेली, जेएनएन। इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन की खातिर तैयारी में लगे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी ने एक बार फिर तूफान खड़ा कर दिया है। अमरोहा में अपनी ससुराल पहुंचीं हसीन जहां ने हाई वोल्टेज ड्रामा किया। पुलिस ने शांति भंग में मामला दर्ज हसीन जहां को गिरफ्तार कर लिया। जमानत पर छूटने के बाद मुरादाबाद तथा बरेली में पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के दफ्तर में जाकर हसीन जहां ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। हसीन जहां की आरोप है कि पुलिस मोहम्मद शमी का साथ दे रही है। उसको घर के अंदर से सिर्फ नाइट गाउन में हिरासत में लिया गया।

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने एक बार फिर उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दोहराया कि शमी के कई महिलाओं से संबंध हैं। उत्तर प्रदेश की ही एक लड़की की जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं। बरेली में मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के पास मदद मांगने पहुंचीं हसीन ने कहा कि अमरोहा में शमी के दबाव में पुलिस ने उन्हें रात 12 बजे नाइट गाउन में उठाया। इतना ही नहीं साढ़े तीन वर्ष की बेटी का गला पकड़कर उसे कार में डाला। पुलिसकर्मी देवेंद्र कुमार और केपी सिंह ने मेरे साथ बदतमीजी की। बरेली के एडीजी ने आरोपों की जांच का जिम्मा रामपुर की महिला सीओ को सौंपा है। शमी के परिवार के लोग ही नहीं बल्कि अब पुलिस भी हसीन जहां की कार्रवाई से हैरान हैं।

रात में हिरासत में रखने और सुबह गिरफ्तारी दिखाने का आरोप

हसीन जहां एडीजी से मिलने पहुंचीं और अमरोहा पुलिस पर आरोपों की बौछार कर दी। कहा, पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की। महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, पुलिस को पता नहीं है। उन्हें और उनकी साढ़े तीन साल की बच्ची को रात में हिरासत में लिया गया और सुबह गिरफ्तारी दिखाई गई। डिडौली के थानेदार देवेंद्र सिंह और दारोगा केपी सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए हसीन जहां ने बताया कि रात में गाउन में ही पुलिस उन्हें थाने ले जा रही थी। जब कपड़े बदलने के लिए कहा गया तो थानेदार ने कहा कि यहीं चेंज कर लो। जैसे-तैसे वह बाथरूम में घुसी और कपड़े चेंज किए। उन्हें पुलिस ने गालियां दीं। गलत तरीके से पकड़कर खींचा गया। उनके साथ उनकी साढ़े तीन साल की बच्ची भी थी। उसे भूखा प्यासा रखा गया। उसके सामने गाली गलौच व अभद्र व्यवहार किया गया। अमरोहा पुलिस को बच्ची तक पर तरस नहीं आया। उसने अमरोहा पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एडीजी अविनाश चंद्र ने हसीन जहां की लिखित शिकायत मिलने के बाद रामपुर की महिला सीओ को जांच पड़ताल कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

हसीन का कहना है कि शमी से मेरा तलाक नहीं हुआ है। मैं उनके साथ रहना चाहती हूं। उनकी संपत्ति में मेरा और बेटी का अधिकार है। इसी कारण मैं ससुराल में रहने गई तो मुझ पर जुल्म किए गए। पुलिस-प्रशासन ने शमी के दबाव में मेरे साथ काफी अभद्रता भी की।

बेटी की पढ़ाई पर संकट

हसीन जहां ने कहा कि मैं बेटी का एडमिशन इंटरनेशनल स्कूल में कराना चाहती थी। शमी के पास उनके दोस्तों के जरिये संदेश भेजा। दो लाख रुपये का खर्च था। उसने रुपया देने से मना कर दिया। मुझसे कहा कि सरकारी स्कूल में प्रवेश करा लें। इसके बाद में मैंने उधार लेकर प्रवेश कराया। मैं अपने बच्चों का अच्छा जीवन देना चाहती हूं, पर अब मेरे पास रुपये नहीं हैं। उधार भी कब तक लूंगी और कब तक मिलेगा।

कानून पर भरोसा, फरहत से उम्मीद

शमी और हसीन का मामला कोर्ट में हैं। इसपर उन्होंने कहा कि मेरी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। शमी कोर्ट में सुनवाई में भी देरी कराने की कोशिश कर रहे हैं। भरोसा है कि वहां इंसाफ मिलेगा। मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी के पास मदद की उम्मीद लेकर आई हूं। कामयाबी मिलेगी। फरहत नकवी ने बताया कि हसीन जहां ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए अमरोहा पुलिस के जुल्मों को बताया है। अमरोहा के पुलिसकर्मी हसीन जहां को नाइट गाउन में ही थाने चलने का दबाव बना रहे थे। हसीन की तीन साल की बेटी को भी गर्दन पकड़कर थाने ले गए। फरहत का कहना है कि यह मामला महिला उत्पीडऩ से जुड़ा है इसलिए सबसे पहले हमने महिला आयोग को केस से अवगत कराने और जांच करने की मांग उठाई है। फरहत नकवी ने कहा कि हाईप्राफाइल केस में पुलिस की कार्यशैली ने झकझोर कर रख दिया है। क्रिकेटर मुहम्मद शमी के दबाव में पुलिस महिला का उत्पीडऩ नहीं कर सकती।

महिला आयोग को पत्र भेजा

हसीन जहां ने 'मेरा हक फाउंडेशन' की अध्यक्ष फरहत नकवी के साथ मिलकर अमरोहा पुलिस की शिकायत पीएमओ, मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय महिला आयोग से की है। तीनों जगह पत्र भेजा गया है, जिसमें कहा गया कि अमरोहा पुलिस ने हसीन जहां और उसकी तीन साल की बेटी को प्रताडि़त किया है। मामले में जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

पीएमओ को भी चिट्ठी लिखी

मेरा हक फाउडेशन की तरफ से पीएमओ (प्रधानमंत्री आफिस) के नाम भी एक चिट्ठी लिखी गई है। चिट्ठी में कहा गया है कि अमरोहा पुलिस ने महिला सुरक्षा के नियम कानून को ताक पर रख दिया है। हसीन जहां और मासूम बेटी के साथ पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। थाने में हसीन जहां के साथ मुजरिम की तरह पुलिस पेश आ रही है।  

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