बरेली, जेएनएन: दोपहर 12.45 बजे अचानक ही पुलिस महकमे के वायरलेस पर एक बाइक पर सवार दो लड़कों द्वारा लूट किए जाने का संदेश आता है। उनका हुलिया बताते हुए सीबीगंज पुलिस को अलर्ट करते हुए चेकिंग का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद एक-एक कर लूट, चोरी व गुमशुदगी के संदेश प्रसारित होते रहे। शाम को पता चला कि दरअसल यह आइजी रमित शर्मा की माक ड्रिल थी, जिसमें पुलिस लाइन में प्रशिक्षण ले रहे रिक्रूट फरियादी बनकर थाने पहुंचे। अब सुनवाई और रेस्पांस टाइम के आधार पर आइजी थानों का रिपोर्ट कार्ड जारी करेंगे।

आइजी की माक ड्रिल बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। पुलिस लाइन से 82 रिक्रूट दो-दो के जोड़े में निकले। शहर में महिला रिक्रूटों को जबकि देहात में पुरुष रिक्रूटों को लगाया गया। एक-एक कर यह फरियादी जिले के सभी 29 थानों के साथ एसएसपी कार्यालय, एसपी सिटी कार्यालय व सीओ कार्यालय भी पहुंचे। अपनी फरियाद सुनाई। दिन भर में लूट के सात, गुमशुदगी के आठ, चोरी के पांच व प्रेम प्रसंग के एक मुकदमों सहित कुल 21 मामले दर्ज हुए। एसएसपी से भी माकड्रिल की सूचना गुप्त रखी गई। सूचनाओं पर दिनभर अफसर इधर-उधर दौड़ते रहे।

सर..बरेली कालेज पहुंची थी कि लड़कों ने पर्स लूट लिया

दोपहर दो बजे के करीब दो महिला रिक्रूट एसएसपी कार्यालय पहुंची। एसएसपी से कहा कि सर बरेली कालेज से गुजर रहे थे। तभी लड़कों ने पर्स छीन लिया। इस पर एसएसपी ने तत्काल इंस्पेकटर कोतवाली पंकज पंत को फोन किया। लड़कियां कोतवाली पहुंची, जहां कोतवाल ने सुनवाई के बाद दोनों से तहरीर लिखवाई और रिपोर्ट दर्ज कराई। इधर, एसपी सिटी रविद्र कुमार व सीओ थर्ड साद मियां खान लूट की सूचना पर बिथरीचैनपुर पहुंचे।

वर्जन

रिक्रूट थानों में कामकाज, व्यवहार व सुनवाई के बारे में करीब से जान सकें, इसके लिए आइजी की ओर से माक-ड्रिल कराई गई थी।

- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

Edited By: Jagran