बरेली, जेएनएन।Misdeed and Murder in Badaun : सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में मासूम बच्ची के साथ जिस तरह हैवानियत का खेल खेला गया उसकी कल्पना मात्र से ही सभी की रूह कांप उठती है। दरिंदा बच्ची की फिराक में खेत में छिपकर बैठ गया था। उसकोे इस बात का अंदाजा था कि बच्ची वहां से खेलती हुई घटनास्थल वाले खेत तक आएगी। मासूम बच्ची बेफिक्र होकर वहां खेलते हुए कटे हुए गेहूं के खेत में बाली बीनने लगी। दरिंदे ने जब उसको अपने करीब आते देखा तो झपट्टा मारकर उसको गेहूं के खेत में ही खींच लिया।

इसके बाद उसने मासूम के साथ हैवानियत की हदें पार कर दीं। बच्ची शोर न मचाए इसलिए उसने अपनी बनियान से ही बच्ची का मुंह दबा दिया। छटपटाते हुए बच्ची ने दम तोड़ दिया। जब उसको भागते हुए पकड़ा गया तो लोग पीटते हुए उसे घटनास्थल पर ले गए, जहां बच्ची की हालत देख हर कोई आक्रोशित हो उठा। भीड़ में मौजूद लोग उसको मौके पर ही सजा-ए-मौत देना चाहते थे। वह उसकी पिटाई करते रहे। इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर कर दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपित की पिटाई और लोगों का गुस्सा देखकर पुलिस के भी पसीने छूट गए। करीब आधा घंटे तक तो उसको भीड़ से बचाया और भीड़ से छीनने के लिए पुलिस को एक घंटे तक सभी हथकंडे अपनाने पड़े।

उत्तराखंड का रहने वाला है आरोपित

मासूम बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसे बेरहमी से मौत के घाट उतारने वाला दरिंदा गुफरान पुत्र शफीक अहमद उत्तराखंड के निवासी सुल्तानपुर पट्टी, थाना बाजपुर जिला ऊधमसिंह नगर का रहने वाला है। वह उत्तराखंड से बड़े सरकार की दरगाह पर आया था। रविवार को वह पैदल ही घटनास्थल वाले गांव तक पहुंच गया और वहां बच्चियों की तलाश करता रहा। चूंकि बच्ची दिन में ही अपने माता-पिता के पास खेत में आ गई थी, इसलिए उसने उसको ही निशाना बना लिया था। घटनास्थल से पकड़े जाने के बाद पुलिस की तमाम सख्ती से भी वह जुबान नहीं खोल रहा था। इसके बाद पुलिस भीड़ की नजर से बचाकर उसको थाने तक लाई तो हवालात में पहुंचने के बाद उसने अपना पता ठिकाना बताया है।

उत्तराखंड पुलिस से भी मांगी गई जानकारी

मासूम बच्ची को दरिंदगी के बाद मौत के घाट उतारने वाला गुफरान पेशेवर अपराधी तो नहीं है इसकी तहकीकात में पुलिस जुट गई है। पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि उत्तराखंड से उसके साथ कौन आया था। इसके अलावा उसने इस तरह की कोई घटना को अंजाम पहले तो नहीं दिया है, इन सभी बातों को उजागर करने के लिए पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस से भी जानकारी मांगी है।

पुलिस पर भी हमलावर हो गई थी आक्रोशित भीड़

दरिंदे को भीड़ से छुड़ाने के लिए पुलिस काफी देर तक आक्रोशित लोगों को समझाती रही, लेकिन वह हर हाल में मौेके पर ही उसको सजा देना चाहते थे। इस दौरान पुलिस ने कुछ सख्ती दिखाने की कोशिश की तो आक्रोशित भीड़ पुलिस पर ही हमलावर हो गई। हालांकि अधिकारियों ने काफी सूझबूझ से काम लिया और उसको भीड़ से अपने कब्जे में ले लिया।

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