जेएनएन, बरेली : रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) में अब गंभीर बीमारियों के इलाज में औषधीय प्रयोग पर वृहद स्तर पर शोध होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय कैंपस के पांच एकड़ जमीन पर मेडिसिनल गार्डन विकसित करने को कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने मंजूरी दे दी है। जल्द ही गार्डन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

होटल मैनेजमेंट के पीछे बनेगा गार्डन : विश्वविद्यालय के प्लांट साइंस विभाग के डॉ. जगत नारायण मौर्य ने बताया कि गार्डन विकसित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। होटल मैनेजमेंट विभाग के पीछे यह गार्डन पांच एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। अभी वहां यूकेलिप्टस के पेड़ लगे हैं जो भूगर्भ जल के लिए हानिकारक हैं। इन पेड़ को काटने के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है।

शुरु की जाएगी विकसित करने की प्रक्रिया : अनुमति मिलते ही गार्डन विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। डॉ. मौर्य ने बताया कि गार्डन में देश और दुनिया के कई मेडिसिनल प्रकृति के पौधे लगाए जाएंगे। इन पर शोध किया जाएगा कि कौन सा पौधा किसी तरह की बीमारी में फायदेमंद हो सकता है। यही नहीं कैंसर, एड्स, टीबी, दिल से जुड़े रोगों का भी औषधीय तत्वों की मदद से इलाज ढूंढा जाएगा। 

Posted By: Abhishek Pandey

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